भिण्ड 14 जनवरी 2026/ कलेक्टर भिण्ड की अध्यक्षता में खण्ड चिकित्सा विभाग अधिकारियों की समीक्षा बैठक सिविल अस्पताल लहार सभागार में आयोजित की गई। इस दौरान सीएमएचओ भिण्ड, बीएमओ लहार, समस्त सीएचओ, एएनएम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं जवाबदेही पर जोर देते हुए उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी कि सभी स्वास्थ्य अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों निर्वहन ईमानदारी और निष्ठापूर्वक करें अन्यथा की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।
एएनएम अपने क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक के साथ मिलकर हितग्राही मूलक योजनाओं का क्रियान्वयन कराएं।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सब हेल्थ सेंटर पर जो भी अमला है वो प्रतिदिन मीटिंग किया करे, आपस में कम्युनिकेशन होना चाहिए। मातृ शिशु दर में विसंगतियां नहीं होनी चाहिए, सीएचओ कॉर्डिनेट करके जो भी गैप है उन्हें फिलअप करते जाएं ताकि हाई रिश्क प्रेग्नेंसी को समय रहते चिन्हित कर बचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि शासन ने यह योजना इसलिए बनाई थी ताकि गांव में ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिले।
अपेक्षा है कि ज्यादा से ज्यादा सुविधा पास के सब हेल्थ सेंटर पर मिल जाए। सीएचओ को हाई रिश्क प्रेग्नेंसी महिला को समय से चिन्हित करके उसको बचाना है।
बैठक में एएनसी रजिस्ट्रेशन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने इसकी कम प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने पाया कि कई गर्भवती महिलाओं की समग्र आईडी या आधार कार्ड नहीं बना है, जिससे रजिस्ट्रेशन में बाधा आ रही है। इस समस्या के निराकरण हेतु परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास तथा सीईओ जनपद से तत्काल समन्वय कर सात दिनों के अंदर सभी लंबित मामलों का निपटारा करने के कड़े निर्देश दिए। इसके अलावा फोर्थ एएनसी चेकअप का स्टेटस, शिशु स्वास्थ्य जांच, शिशु मृत्यु दर, आयुष्मान भारत योजना तथा अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति पर गहन चर्चा हुई। कलेक्टर ने प्रत्येक बिंदु पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु टीम वर्क है जरूरी – कलेक्टर

