सिंघावली कचोरा रोड पर श्री हनुमान मंदिर मे भागवत सुनने को उमरा जन सैलाब
इटावा -परहित सरिस धर्म नहीं भाई, परपीड़ा सम नहीं अधमाई” एक प्रसिद्ध चौपाई है जो गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में लिखी है। इसका अर्थ है कि दूसरों की भलाई करने के समान कोई श्रेष्ठ धर्म नहीं है और किसी को दुःख पहुँचाने के समान कोई नीच या अधर्म नहीं है। इस चौपाई का विस्तार…

