साधु संतों के प्रति हृदय में श्रद्धाभाव रखना चाहिए -मुनिश्री विलोकसागर, आज नेमिनाथ लाड़ू एवं घटयात्रा जुलूस
मुरैना (मनोज जैन नायक) मंदिर का मिल जाना अथवा भगवान का मिल जाना सहज और सरल है । लेकिन मंदिर अथवा भगवान के प्रति श्रद्धा बनाना कठिन है । धन से मंदिर तो बनाए जा सकते हैं, मंदिरों में प्रतिमाएं भी स्थापित की जा सकती हैं लेकिन उसी धन से उनके प्रति श्रद्धा नहीं खरीदी…

