मंत्रों की साधना के लिए तन मन और शरीर की शुद्धि आवश्यक – मुनिश्री विलोकसागर
मुरैना (मनोज जैन नायक) सभी धर्मों में मंत्रों के जप को प्राथमिकता दी गई है । अध्यात्म में मंत्रों का विशेष महत्व बताया गया है । मंत्रों के जाप से मन को शांति, आत्मबल में वृद्धि, पापों का क्षय, ईश्वर से साक्षात्कार एवं संयम पथ पर चलने की प्रेरणा मिलती है । मंत्र जप एक…

