“कषाय की अग्नि से बचो, क्षमा का जल सींचो” आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी
दिल्ली के ऋषभोदय में गुरुदेव ने कहा – भोगों में सुख नहीं, सुखाभास है। समय व्यतीत हो रहा है, मृत्यु से पहले अच्छा कार्य कर लो दिल्ली स्थित ऋषभोदय, ऋषभ विहार में विराजित दिगम्बर जैन श्रमंण संस्कृति के महामहिम पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्धसागर जी महामुनिराज ने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए साधना, जीवन की…

