ग्वालियर नगर की सांगीतिक संस्थाओं रागायन, स्वरांजलि कला साधक, स्वर संस्कार एवं रंगभूमि के तत्वावधान में स्वर ताल परिक्रमा-2026 का आयोजन दिनांक 14.03.2026़ प्रातः 08 बजे से 15.03.2026 को प्रातः 08 बजे तक सिद्धपीठ गंगादास जी की बडी शाला में हुआ। अखण्ड संगीत के इस महाकुम्भ में युवा एवं वरिष्ठ गायक वादक कलाकार 24 घण्टे तक अनवरत् शास्त्रीय गायन एवं वादन की प्रस्तुतियॉं दीं। यह कार्यक्रम 14 मार्च 2026 प्रातः 08 बजे से प्रारंभ होकर 15 मार्च 2026 प्रातः 08 तक अनवरत जारी रहा। 24 घण्टे तक लगातार जारी इस संपूर्ण कार्यक्रम में लगभग 80 गायक वादक कलाकारों ने क्रमवार गायन वादन की उत्कृष्ट प्रस्तुतियॉं दीं।
दिनांक 14 मार्च की रात्रि से 15 मार्च प्रातः तक की प्रस्तुतियों में श्रीराम उमडेकर ने सितार पर राग यमन प्रस्तुत किया। इसके पश्चात् अनुज प्रताप सिंह ने राग बागेश्री में ध्रुपद गायन की प्रस्तुति दी। रात्रि कालीन प्रस्तुतियों के क्रम में शास्त्रीय गायन में रूचि शिवहरे ने राग मारूबिहाग, प्रीति पराड़कर ने राग जोग, साक्षी कुलश्रेष्ठ ने राग मारूबिहाग, वैष्णवी गुप्ता ने राग हंसध्वनि, नितिन शर्मा ने राग बिहाग, अनूप मोघे एवं वैशाली मोघे ने राग दरबारी कानडा, हेमांग कोल्हटकर ने राग ललित, सुजल जैन ने राग भटियार, अनंत महाजनी ने राग भैरव, रूद्राक्ष त्रिवेदी ने राग भैरव में प्रस्तुतियॉं दीं। सुदीप भदौरिया ने राग मालकौंस में ध्रुपद गायन की प्रस्तुति दी। वादन की प्रस्तुतियों में अनिकेत तारलेकर ने राग अहीर भैरव, अंकुर धारकर ने राग भूपेश्वरी में वायलिन वादन तथा जयंत कोष्ठी ने राग मालकौंस, श्याम रस्तोगी ने राग गावती में सितार वादन प्रस्तुत किया। अजय सोनी ने राग हंसध्वनि एवं यशवंतगिरी गोस्वामी ने राग नटभैरव में बॉसुरी वादन की प्रस्तुति दी। नवनीत कौशल ने हार्मोनियम पर राग जोग प्रस्तुत किया । सुयश दुबे, योगेश शर्मा एवं लक्ष्य शर्मा ने ताल तीनताल में तबला एकल वादन की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम का समापन साधना गोरे के शास्त्रीय गायन से हुआ। आपने राग बैरागी भैरव में एकताल में निबद्ध बडा ख्याल एवं तीनताल में निबद्ध छोटा ख्याल सकल गुन गाये पार न पाये प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन साधना गोरे एवं वीणा जोशी ने राग भैरवी में झपताल में निबद्ध बंदिश दयानी भवानी से किया। कार्यक्रम के समापन सत्र की अध्यक्षता गंगादास की बडी शाला के महंत पूरन बैराठी पीठाधीश श्री रामसेवकदास जी महाराज ने की।
संपूर्ण कार्यक्रम में गायक वादक कलाकारों के साथ तबला संगति में मनीष करवड़े, विनय बिन्दे, संजय राठौर, संजय मोघे, अविनाश महाजनी, बसंत हरमरकर, सुयश दुबे, सजग माथुर, लक्ष्य शर्मा, प्रान्त साहू, संतोष मुरूमकर, विशाल नामदेव, पखावज संगति में जगतनारायण शर्मा, जयवंत गायकवाड़ हार्मोनियम संगति में अनूप मोघे, अक्षत मिश्रा, अनिकेत तारलेकर, सत्यम पाठक, नवनीत कौशल ने तथा वायलिन पर पिंकी रॉय ने सहयोग किया।
कार्यक्रम में श्रीराम उमड़ेकर, डॉ. वीणा जोशी, नीला देशमुख, आशुतोष वाजपेयी सहित अधिक संख्या में संगीत विद्यार्थी एवं संगीत रसिक उपस्थित रहे। आभार प्रदर्शन वैशाली मोघे ने किया।

