प्रमाण पत्र से दिव्यांग बच्चों को मिलेगा एस्कार्ट व स्टाइपेण्ड का लाभ

इटावा-स्मेकित शिक्षा योजना के अन्तर्गत दिव्यांग बच्चों के मेडीकल एसेसमेंट कैम्प में प्रतिभाग करने वाले बच्चों को वरिष्ठ कोषाधिकारी श्री डोगरा शक्ति के कर कमलों से बाॅटे गया। जिला समन्यक समेकित शिक्षा द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि उ0प्र0 शासन के मंशा के अनुरूप हम अधिक से अधिक दिव्यांग बच्चों को प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रमाण पत्र से दिव्यांग बच्चों को एस्कार्ट व स्टाइपेण्ड की धनराशि का लाभ प्राप्त हो सकेगा और इस दिव्यांगता प्रमाण पत्र का प्रयोग आप सभी लोग अपने बच्चों के साथ कही भी आने-जाने में सरकारी बसों तथा रेलवे रियायत प्रमाण पत्र बनवाकर (रेलवे कन्सेसन सर्टिफिकेट) रेलवे आदि की यात्रा में कर सकते है।इस हेतु बेसिक शिक्षा विभाग कार्यरत स्पेशल एजूकेटर्स के माध्यम से विकास खण्डवार दिव्यांग बच्चों को बुलाकर कैम्प में प्रतिभाग कराया जा रहा है। दिव्यांग मेडीकल बोर्ड टीम द्वारा अच्छे प्रयास से अधिक से अधिक दिव्यांग बच्चों को प्रमाण-पत्र प्राप्त कराया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ परितोष शुक्ला व हाॅस्पीटल मैनेजर डाॅ0 निखिलेश कुमार के द्वारा दिव्यांग बच्चों के अनुरूप अच्छी व्यवस्था की गयी है।
प्रमुख सचिव, बेसिक शिक्षा, उ0प्र0, शासन के निर्देशानुसार समग्र शिक्षा अभियान समेकित शिक्षा के अन्तर्गत कक्षा 01 से 12 तक के समस्त प्रकार के दिव्यांग बच्चों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देशन में जनपद के मुख्यालय स्तर पर जिला चिकित्सालय मोतीझील में दिव्यांग बच्चों हेतु मेडीकल एसेसमेन्ट कैम्प आयोजित कराया जा रहा है। इस कैम्प में समस्त प्रकार के दिव्यांग बच्चों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाया गया। कैम्प में विकास खण्डवार चयनित बच्चों संख्या के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदान वाहन सुविधा सेे आज बुधवार को प्रतिभाग किया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ0 बृजेन्द्र सिंह के द्वारा गठित मेडीकल बोर्ड टीम में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी व नोडल अधिकारी डाॅ0 बलराज सिंह, नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ गौरव द्विवेदी, नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डा0 अबुबखर अंसारी, श्री अजय सिंह टेक्निकल आँफिसर (आँडियोलाॅजिस्ट), सैफई एवं अस्थि रोग विशेषज्ञ डाॅ0 विष्णु मेहरोत्रा तथा मानसिक रोग विशेषज्ञ डाॅ0 श्वेता यादव, क्लिनिकल साईकोलाॅजिस्ट डाॅ0 रामेश्वरी प्रजापति और लेखाकार सुनील कुमार पटल सहायक द्वारा कुल 28 दिव्यांग बच्चों का परीक्षण करते हुए 23 बच्चों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र निर्गत किया गया और शेष बच्चों को जाॅच/परीक्षण के लिए रेफर किया गया साथ ही इस दिव्यांगता प्रमाण पत्र के महत्व तथा सरकार द्वारा दी जाने वाली अनेक प्रकार की सुबिधाओं से अवगत कराया गया।
आज इस कैम्प को सफल बनाने में समेकित शिक्षा के समस्त स्पेशल एजुकेटर्स उपस्थित रहें।

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