इटावा। अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट डा. प्रभात कुमार ने कहा कि सेंटर पर जो भी गर्भवती महिलाएं उपचार के लिए आती हैं। एक फार्म भरवाकर हम स्वीकृति लेते हैं कि वे भ्रूण परीक्षण में लिंग की पहचान नहीं कराएंगे। ऐसा करने और कराने वाले के खिलाफ एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई और जुर्माना किया जाता है। उन्होंने यह बात शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला महिला अस्पताल के 100 महिला विंग में पीसीपीएनडीटी एक्ट विषय पर आयोजित शिविर में कही।अधिकार मित्र डॉ ज्योति वर्मा ने बेटियों को भी बेटे के समान बताते हुए उन्हें बचाने एवं खूब पढ़ाने का आह्वान करते हुए सभी उपस्थित लोगों से लिंग परीक्षण न करने एवं कराने की शपथ दिलाई। अधिकार मित्र संतोष कुमार त्रिवेदी ने बताया कि वर्ष 1994 में यह एक्ट लाया गया, जिसके बारे में जानकारी देने के लिए हम डालसा की तरफ से आपके बीच आए हैं। शिविर में भारी संख्या में महिलाएं और उनके परिजन समेत अस्पताल स्टाफ मौजूद रहे। संचालन अधिकार मित्र सुधीर मिश्र ने किया।
बेटियां भी बेटों के समान, लिंग परीक्षण न कराएं: डॉ ज्योति वर्मा

