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दशलक्षण महापर्व की तैयारियां अंतिम चरण में, मुनि विशल्य सागर महाराज के सान्निध्य में होंगे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन

इटावा। शहर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर लालपुरा में पट्टाचार्य आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर महाराज जी के शिष्य मुनि श्री 108 विशल्य सागर महाराज जी ससंघ विराजमान हैं। मुनि श्री के सान्निध्य में दशलक्षण महापर्व को लेकर जैन समाज में उत्साह का माहौल है। महापर्व की तैयारियां मंदिर परिसर में अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 16 सितंबर, बुधवार से प्रारंभ होकर 26 सितंबर, शनिवार तक चलने वाले महापर्व के दौरान विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।दशलक्षण महापर्व के प्रथम दिन प्रातःकाल श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा विधि-विधान के साथ संपन्न होगी। शांतिधारा मुनि श्री के मुखारविंद से कराई जाएगी। इसके उपरांत संगीत के साथ सामूहिक पूजन का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर भगवान की आराधना करेंगे। पूजन के बाद मुनि श्री विशल्य सागर महाराज जी श्रद्धालुओं को प्रवचन के माध्यम से धर्म का मर्म समझाते हुए आत्मशुद्धि, संयम, त्याग, अहिंसा और सदाचार का संदेश देंगे।महापर्व के दौरान प्रतिदिन प्रातःकाल धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सामूहिक पूजन एवं अन्य कार्यक्रम आयोजित होंगे। मुनि श्री के प्रवचनों को सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना है। दशलक्षण महापर्व जैन धर्म में आत्मचिंतन, आत्मसंयम और आत्मशुद्धि का विशेष पर्व माना जाता है। इन दिनों श्रद्धालु धार्मिक साधना के माध्यम से अपने जीवन में संयम एवं सदाचार को अपनाने का संकल्प लेते हैं।स्वर्णिम वर्षायोग समिति के अध्यक्ष संजू जैन ठेकेदार, विवेक जैन, महावीर प्रसाद जैन बंटी बनारस, रितेश जैन एवं दिलीप जैन ने बताया कि मुनि श्री विशल्य सागर महाराज जी के सान्निध्य में दशलक्षण महापर्व के सभी कार्यक्रम श्रद्धा एवं भक्ति के साथ आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने जैन समाज के श्रद्धालुओं से महापर्व के दौरान होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर सहभागिता करने तथा धर्मलाभ लेने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि महापर्व के दौरान सायंकाल श्रीजी एवं मुनि श्री की महाआरती संगीत, भक्ति एवं नृत्य के साथ की जाएगी। महाआरती के बाद विभिन्न सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। मंदिर परिसर में होने वाले आयोजनों को लेकर समाज के लोगों में विशेष उत्साह बना हुआ है।दशलक्षण महापर्व के आयोजन केवल श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर लालपुरा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पंसारी टोला, बरहीपुरा, करनपुरा, नसियां जी, कटरा सेवक कली, सराय शेख, डांडा, एसडी फील्ड सहित शहर के विभिन्न जैन मंदिरों में भी धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन मंदिरों में भी दशलक्षण धर्म की आराधना, पूजन एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालु महापर्व मनाएंगे।चातुर्मास कमेटी के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य आयोजन की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, मंदिरों की सजावट, पूजन व्यवस्था तथा धार्मिक कार्यक्रमों को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। महापर्व के दौरान मंदिरों में सुबह से लेकर शाम तक धार्मिक वातावरण बना रहेगा।

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