इटावा – एसडीएम कोर्ट को कलेक्ट्रेट से तहसील परिसर में स्थानांतरित किए जाने के प्रस्ताव पर जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं सैकड़ों अधिवक्ताओं ने कड़ा विरोध जताया है। आज डीबीए के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल से मुलाकात कर स्थानांतरण के बाद होने वाली परेशानियों से अवगत कराया और एसडीएम कोर्ट को वापस कलेक्ट्रेट में ही रहने देने की मांग की। इस संबंध में जिलाधिकारी को एक लिखित ज्ञापन भी सौंपा गया।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि एसडीएम न्यायालय को तहसील में स्थानांतरित किए जाने की जानकारी मिलने पर वकील प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिला। उन्होंने कहा कि तहसील में पार्किंग और साइकिल स्टैंड की समस्या है। साथ ही तहसील प्रमुख बाजार में स्थित है, जिससे भीड़-भाड़ और जाम की दिक्कत रहेगी। वहां कोई अधिवक्ता चैंबर भी नहीं बैठता है, जिससे आम जनमानस को भी परेशानी होगी।उन्होंने मांग की कि कलेक्ट्रेट परिसर में पहले से ही सभी न्यायालय संचालित हैं। ऐसे में एसडीएम कोर्ट भी यहीं रहे तो वादकारियों को आने-जाने में कोई समस्या नहीं होगी।जिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं की बात सुनी और उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही इस समस्या को नहीं आने दिया जाएगा।इस अवसर पर महामंत्री एडवोकेट नितिन तिवारी, उपाध्यक्ष अनूप शर्मा सहित डीबीए के पदाधिकारी एवं सैकड़ों अधिवक्ता उपस्थित रहे।
एसडीएम कोर्ट कलेक्ट्रेट से तहसील ले जाने पर वकीलों में रोष, जनता को होगी परेशानी – डीबीए

