इटावा। समग्र शिक्षा अभियान की समेकित शिक्षा योजना के अंतर्गत जिला चिकित्सालय मोतीझील में आयोजित दिव्यांग बच्चों के मेडिकल असेसमेंट कैंप में 49 बच्चों का परीक्षण किया गया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. परितोष शुक्ला ने बताया कि दिव्यांगता प्रमाण पत्र मिलने से बच्चों को एस्कॉर्ट एवं स्टाइपेंड की सुविधा के साथ-साथ सरकारी बसों और रेलवे में रियायत का लाभ भी मिलेगा।
कैंप में मेडिकल बोर्ड ने 49 दिव्यांग बच्चों का परीक्षण किया, जिनमें से 23 बच्चों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए गए, जबकि शेष बच्चों को आवश्यक जांच के लिए रेफर किया गया। शासन के निर्देशानुसार कक्षा 1 से 12 तक के दिव्यांग विद्यार्थियों के प्रमाण पत्र बनवाने के लिए विकास खंडवार बच्चों को विशेष शिक्षकों के माध्यम से कैंप में बुलाया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. परितोष शुक्ला, अस्पताल प्रबंधक डॉ. निखिलेश कुमार एवं जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अर्चना सिन्हा ने बच्चों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। मेडिकल बोर्ड में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. बलराज सिंह, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रेशांक कुमार सिंह, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जे.पी. चौधरी, ऑडियोलॉजिस्ट अंकित सिंह, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज गुप्ता, मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. श्वेता यादव, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. रामेश्वरी प्रजापति तथा लेखाकार सुनील कुमार ने परीक्षण किया। इस दौरान बच्चों एवं अभिभावकों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र के महत्व तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

