इंदौर
मां अहिल्या की धर्म नगरी का भाग्य उदय
*ससंघ मंगल विहार कर इंदौर पधार रहे हैं परम पूज्य मुनि श्री सुधा सागर जी महामुनिराज संसघ। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि अनवरत कंई वर्षों की भक्ति का प्रतिफल मां अहिल्या की धर्म नगरी इंदौर को मिलने जा रहा है। पुरे प्रदेश में खुशी की लहर पूरे समग्र जैन समाज समाजिक सांसद एवं समस्त गुरु भक्त को हृदय से अग्रिम बधाई ।जय जय गुरुदेव। समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ जैनेन्द्र जैन ने कहा कि यह परम हर्ष और सौभाग्य का विषय है कि इस वर्ष देवी अहिल्या की पावन नगरी इंदौर को अभूतपूर्व गुरु-कृपा प्राप्त होने जा रही है।
परम पूज्य मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज अपने ससंघ के साथ इंदौर की ओर मंगल विहार प्रारंभ कर चुके हैं। उनके साथ ही परम पूज्य आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज, मुनि श्री बिमल सागर जी महाराज, मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज एवं अन्य अनेक आचार्य-संघों का भी नगर में पावन सान्निध्य प्राप्त होगा। नवीन आंनद गोधा ने कहा कि इंदौर ही नहीं, समस्त मध्यप्रदेश के लिए यह गौरव का क्षण है। यह केवल वर्षायोग नहीं, बल्कि प्रदेश भर की श्रद्धा, भक्ति और गुरु-भक्ति का प्रसाद है जो इस धर्म-नगरी को प्राप्त हो रहा है।
मां अहिल्या की इस नगरी में जब सैकड़ों साधु-संतों के चरण पड़ेंगे, तो निश्चय ही वातावरण जिनवाणी, स्वाध्याय और करुणा से गुंजायमान होगा। घर-घर में दीप जलेगा, हृदय-हृदय में धर्म जगेगा।
नमोस्तु शासन जयवंत हो गुंजायमान होगा। दद्दू ने समाज से आह्वान करते हुए कहा कि
समाज के सभी घटक इस ऐतिहासिक अवसर पर एकजुट होकर गुरुदेवों के स्वागत, सेवा और धर्म-आराधना में सहभागी बनें। पुनः समस्त इंदौर नगर वासी एवं मध्यप्रदेश वासियों को इस मंगल बेला की हार्दिक बधाई।
नमोस्तु शासन जयवंत हो।

