इटावा। सदर तहसील परिसर में ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान जर्जर भवन गिरने से एक मजदूर की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के जिलाध्यक्ष डॉ. शमशाद हुसैन वारसी के नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।ज्ञापन में कहा गया कि 29 जून 2026 को सदर तहसील परिसर में ध्वस्तीकरण के दौरान मलबा गिरने से साहिल पुत्र राजू खान की दर्दनाक मृत्यु हो गई, जबकि शोएब पुत्र छोटे गंभीर रूप से घायल हो गए। पार्टी का आरोप है कि यदि ध्वस्तीकरण कार्य में सुरक्षा मानकों, श्रम कानूनों अथवा प्रशासनिक दिशा-निर्देशों की अनदेखी की गई है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों, ठेकेदारों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
एआईएमआईएम ने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए तथा दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पार्टी ने मृतक मजदूर के परिजनों को ₹50 लाख की आर्थिक सहायता, परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी अथवा समकक्ष आर्थिक सहायता देने की मांग भी उठाई।ज्ञापन में गंभीर रूप से घायल मजदूर शोएब का समुचित उपचार सरकारी खर्च पर कराने तथा उसे भी पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही जनपद में चल रहे सभी सरकारी निर्माण एवं ध्वस्तीकरण कार्यों में श्रमिक सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने, तकनीकी निरीक्षण, बैरिकेडिंग, सुरक्षा उपकरणों तथा आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृतियों की जांच कराने की भी मांग की गई।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष डॉ. शमशाद हुसैन वारसी ने कहा कि पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय दिलाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला उपाध्यक्ष मो. सलमान सिद्दीकी, जिला महासचिव मो. एहसान खान, मो. गुफरान खान, वरिष्ठ नेता अजय प्रताप सिंह कुशवाहा, जिला संगठन मंत्री मो. ऐजाज़ खान, जिला प्रचार मंत्री शरीफ खान, मो. असलम, मो. शादान, मो. राजा, शहबाज खान, अदनान खान, मो. अमजद, मो. आदिल मंसूरी, मो. इमरान, छोटू सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
तहसील हादसे के मृतक मजदूर के परिजनों को ₹50 लाख मुआवजा व नौकरी देने की मांग, एआईएमआईएम ने सौंपा ज्ञापन

