इटावा। गौरक्षा धर्मयात्रा के तहत शनिवार को सपा मुखिया अखिलेश यादव के पैतृक गांव सैफई पहुंचे ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने संबोधन में गौ संरक्षण, सनातन परंपरा और वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर बेबाक राय रखी। उन्होंने गौहत्या के मुद्दे पर केंद्र और प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि आज देश में गाय की दुर्दशा के लिए सबसे अधिक जिम्मेदारी सत्ता में बैठे लोगों की है। वहीं, सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के परिवार और समाजवादी पार्टी के सहयोग की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि गौरक्षा के लिए चलाए जा रहे उनके धर्मयुद्ध में सबसे अधिक साथ समाजवादी पार्टी ने दिया है। सैंफई पहुंचने पर सांसद डिम्पल यादव शिवपाल सिंह यादव सहित परिवार के लोगो ने उनका स्वागत किया।
अपने संबोधन में शंकराचार्य ने कहा कि वर्ष 2016 में जंतर-मंतर पर गौरक्षा को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ स्वयं पहुंचे थे और गाय को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की आवश्यकता पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि उस समय जो लोग गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग का समर्थन कर रहे थे, सत्ता में आने के बाद उनकी सोच बदल गई। यदि गाय वास्तव में माता है तो उसे राष्ट्रमाता का दर्जा देने में संकोच क्यों है। उन्होंने कहा कि वर्षों से सत्ता में रहने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
शंकराचार्य ने कहा कि उन्होंने वर्षों से सैफई का नाम सुना था, लेकिन पहली बार यहां आने का अवसर मिला। गांव में प्रवेश करते ही भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा ने उनका ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि प्रतिमा में भगवान श्रीकृष्ण का हाथ में रथ का चक्र लिए स्वरूप अत्यंत भावुक करने वाला है। यह उस प्रसंग की याद दिलाता है, जब भगवान ने अपने भक्त की प्रतिज्ञा की रक्षा के लिए स्वयं अपनी प्रतिज्ञा का त्याग कर दिया था। उन्होंने शिवपाल सिंह यादव का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न अवसरों पर उनसे मुलाकात होती रही है। कई बार मतभेद भी हुए, लेकिन शिवपाल सिंह यादव ने हमेशा धैर्य और सहजता का परिचय दिया। शंकराचार्य ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की महानता अपनी भूल स्वीकार करने में होती है।इस मौके पर शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि शंकराचार्य के धर्मयुद्ध में समाजवादी कार्यकर्ता साथ रहेगें।
सैफई में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का हुआ जोशीला स्वागत

