इटावा। उत्तर प्रदेश सरकार में होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा व जनपद प्रभारी मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने सिचाई विभाग गेस्ट हाउस में प्रेसवार्ता में कहा कि संसद में पेश महत्वपूर्ण विधेयकों का विरोध कर कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके ने महिलाओं की आकांक्षाओं को ठेस पहुंचाई इन दलों ने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लटकाने, भटकाने और अटकाने की राजनीति को अपनाया। यह दिन काला दिवस के रूप में जाना जाएगा।
उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नीति निर्माण में महिलाओं को भागीदारी देना कोई उपकार नहीं उनका स्वाभाविक अधिकार हैं। जिन्होने इस ऐतिहासिक अवसर में बाधा डाली उन्हें आने वाले चुनावों में महिलाओं की कड़े आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर सपा कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनके लिए महिला सशक्तिकरण सिर्फ दिखावा है, जबकि हमारे लिए यह एक मिशन है। हम अपनी मातृशक्ति के सम्मान और उनके हक के लिए संकल्पित हैं।
भाजपा सरकार महिला सशक्तिकरण व नारी के नेतृत्व में विकास के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं विपक्ष आज भी पितृसत्तात्मक और संकीर्ण मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाया है।
सपा पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता। अखिलेश यादव और राहुल गांधी परिवारवाद की राजनीति करते हैं जिन्हें जनता के हितों से कोई लेना देना नहीं है।
संसद में संशोधन विधेयक पेश होने के दौरान विरोधी दलों का चरित्र भरी सभा में द्रौपदी के चीरहरण जैसा था। यह महिला सम्मान एवं लोकतंत्र दोनों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। विरोधियों के पास अपने पाप के प्रायश्चित का अवसर था लेकिन उन्होंने विरोध कर अपना वास्तविक चेहरा फिर सबके सामने ला दिया।।उन्होंने कहा कि कांग्रेस एंड कंपनी महिला आरक्षण और राजनीतिक अधिकारों के मुद्दे पर भ्रम फैलाकर अपने पुराने रुख को छिपा रही है। 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को लेकर भाजपा सरकार ने संवैधानिक प्रक्रिया पूरी कर इसे आगे बढ़ाया जबकि कांग्रेस ने दशकों तक सत्ता में रहते हुए इसे लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कन्या सुमंगला योजना, मातृवंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास, उज्जवला, शौचालय, आयुष्मान भारत, वृद्धावस्था पेंशन योजना, एक जिला-एक उत्पाद स्टार्ट अप समेत कई योजनाएं महिलाओं को केंद्र में रखकर चलायी जा रहीं हैं। महिलाएं याद रखेंगी कि कांग्रेस शासन में शौचालय, बैंक खाते, स्वास्थ्य और ट्रिपल तलाक से मुक्ति जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं, जबकि भाजपा सरकार ने इन्हें प्राथमिकता दी। प्रेसवार्ता में जिलाध्यक्ष अन्नू गुप्ता, पूर्व सांसद रघुराज शाक्य, प्रेमदास कठेरिया, पूर्व विधायक सावित्री कठेरिया, रोहित शाक्य, जितेंद्र गौड़, विमला शाक्य, मधु तोमर, प्रीति दुबे आदि मौजूद रहीं।
विपक्ष के लिए महिला सशक्तिकरण सिर्फ दिखावा – धर्मवीर प्रजापति

