इटावा -पानकुंवर इंटरनेशनल स्कूल में रंग अलख सांस्कृतिक समिति एवं रंगकल्प के संयुक्त तत्वावधान में 10 दिवसीय नाट्य कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि क्षेत्राधिकारी शहर अभय नारायण राय, चेयरमैन डॉ कैलाश चंद्र यादव, फिल्म निर्माता निर्देशक लेखक रवीन्द्र चौहान, रंग प्रशिक्षक पवन राजपूत के द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया।कार्यक्रम संयोजक एवं चेयरमैन डॉ कैलाश चंद्र यादव ने कहा रंगमंच की कला हर मानव के अंदर नैसर्गिक रुप में होती है, प्रशिक्षण से उसमे निखार आता है। इस कार्यशाला से बच्चों की दक्षता विकसित होगी। इस 10 दिवसीय कार्यशाला में बच्चे प्रतिभागी अभिनय की बारीकियां सीखते हुए एक नाटक की प्रस्तुति भी देंगे। बताया कि कार्यशाला के प्रशिक्षक पवन राजपूत मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय से है और नाट्य कार्यशाला निर्देशक लेखक रवीन्द्र चौहान भारतेन्दु नाट्य अकादमी के रंगकर्मी है।मुख्य अतिथि पुलिस विभाग के क्षेत्राधिकारी शहर अभय नारायण राय ने बच्चों को टीनएज की जानकारी देते हुए मोबाइल फोन का सही उपयोग बताते हुए कहा कि भाषण और नाट्य प्रस्तुति केवल मनोरंजन गतिविधियाँ नहीं हैं, ये बच्चों में आवश्यक कौशल विकसित करती हैं जो उन्हें शैक्षणिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से लाभ पहुँचाती हैं। जब बच्चे भाषण और नाट्य प्रस्तुति प्रशिक्षण में भाग लेते हैं, तो वे रचनात्मकता और संचार को मिलाकर, ये कक्षाएं बच्चों को जीवन के सभी पहलुओं में स्पष्टवादी, अभिव्यंजक और आत्मविश्वासी बनने में मदद करती हैं।कार्यशाला निर्देशक लेखक रवीन्द्र चौहान ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा हमारा एकमात्र उद्देश्य कला को केवल मंच तक सीमित न रखकर, उसे जन-जन तक पहुंचाना और नई प्रतिभाओं को निखारना था। रंगमंच केवल संवाद अदायगी नहीं है, यह आत्मविश्वास, अनुशासन, और सामाजिक सरोकारों को समझने का एक सशक्त माध्यम है।रंग प्रशिक्षक पवन राजपूत द्वारा नाटक अंधा युग के पात्र की सूक्ष्म प्रस्तुति की गई।बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत का संगीत गीत राष्ट्रीय कवि गौरव चौहान द्वारा प्रस्तुत किया गया।मंच संचालन प्रभाकर तिवारी के द्वारा किया गया।
पान कुंवर इंटरनेशनल स्कूल में 10 दिवसीय नाट्य कार्यशाला का शुभारंभ

