हर गांव तक योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित करना नवांकुर का लक्ष्य- सिसोदिया

भिंड 6 अप्रैल 2026/ मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद अंतर्गत जिले भर की नवांकुर संस्थाओं की एक दिवसीय त्रैमासिक समीक्षा बैठक का आयोजन शासकीय नर्सरी उद्यानिकी विभाग भिंड में किया गया। बैठक में जिले के सभी विकासखंडों से नवांकुर संस्थाओं एवं समन्वयकों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम का उद्देश्य नवांकुर संस्थाओं द्वारा किए जा रहे सामाजिक, शैक्षणिक एवं जनजागरूकता संबंधी कार्यों की विस्तृत समीक्षा करना तथा आगामी कार्ययोजना को सुदृढ़ बनाना था।
बैठक के मुख्य अतिथि अभियान परिषद के संभाग समन्वयक धर्मेंद्र सिसोदिया (संभाग चंबल) रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नवांकुर संस्थाएं केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित न रहकर समाज में जागरूकता, सहभागिता और सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत आधारशिला बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि प्रत्येक नवांकुर संस्था अपने-अपने ग्राम में एक सक्रिय सामाजिक नेतृत्व के रूप में कार्य करे और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित करे।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “जनभागीदारी के बिना कोई भी योजना पूर्ण रूप से सफल नहीं हो सकती”, इसलिए नवांकुर संस्थाओं को लोगों को जोड़ने, जागरूक करने और उन्हें योजनाओं से लाभान्वित कराने में सेतु की भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी संस्थाएं अपने कार्यों में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं नियमितता बनाए रखें तथा प्रत्येक गतिविधि का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण करें, ताकि कार्यों की गुणवत्ता और प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
श्री सिसोदिया ने आगे कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक सरोकारों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता, स्वच्छता अभियान एवं नशामुक्ति जैसे विषयों पर विशेष रूप से कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि नवांकुर संस्थाओं को नवाचार को अपनाते हुए स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए नवीन पहल करनी चाहिए, जिससे समाज में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।
उन्होंने संस्कार केंद्रों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि “संस्कार केंद्र ही भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने का माध्यम हैं।” इनके माध्यम से बच्चों एवं युवाओं में नैतिकता, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी एवं नेतृत्व क्षमता का विकास संभव है, जो आदर्श समाज निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी संस्थाओं से आग्रह किया कि वे संस्कार केंद्रों का संचालन नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से करें।
कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक डॉ. शिवप्रताप सिंह भदौरिया द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में जिले में संचालित नवांकुर गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि नवांकुर संस्थाएं जमीनी स्तर पर सक्रिय रहकर समाज के विभिन्न वर्गों के साथ समन्वय स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि संस्थाओं द्वारा नियमित मासिक बैठकें आयोजित कर स्थानीय समस्याओं की पहचान एवं उनके समाधान के लिए सार्थक पहल की जा रही है। इसके साथ ही नर्सरी संचालन, संस्कार केंद्र, दीवार लेखन, जनजागरूकता अभियान एवं ग्राम सर्वे जैसे कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो रहा है। उन्होंने विशेष रूप से संस्कार केंद्रों की महत्ता बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से बच्चों एवं युवाओं में नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा रही है, जो भविष्य में आदर्श समाज निर्माण की नींव साबित होगी।
बैठक में दीवाल लेखन के माध्यम से जनजागरूकता अभियान, जन सूचना केन्द्रों के संचालन तथा 12वीं कक्षा उत्तीर्ण युवाओं द्वारा ग्राम सर्वे जैसे कार्यों की विशेष सराहना की गई। यह ग्राम सर्वे स्थानीय संसाधनों, आवश्यकताओं एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध हो रहा है। इसके अतिरिक्त सेक्टर बैठकों के माध्यम से विभिन्न समितियों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्यों की गति को बढ़ाया जा रहा है।
नवांकुर समितियों द्वारा प्रस्फुटन समितियों का निर्माण कर ग्राम स्तर पर सामाजिक सहभागिता को मजबूत किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में आत्मनिर्भरता और सामुदायिक नेतृत्व की भावना विकसित हो रही है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक विकासखंड में इन गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा तथा युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी।
बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि नवांकुर समितियाँ सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, नैतिक मूल्यों एवं जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए निरंतर सक्रिय भूमिका निभाती रहेंगी

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