जेयू में युवाओं के लिए दिशा, अनुशासन और मानसिक स्पष्टता पर हुआ प्रेरक कार्यक्रम

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय के वाणिज्य एवं व्यवसाय अध्ययनशाला में आयोजित एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम में विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के मूल मंत्र सही लक्ष्य और सशक्त प्रेरणा का महत्व बताया गया। कार्यक्रम में लगभग 150 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्य अतिथि नवनीत पचौरी जी ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक और तेजी से बदलते दौर में केवल मेहनत ही सफलता की गारंटी नहीं है, बल्कि स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण और आंतरिक प्रेरणा भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बिना लक्ष्य के प्रयास दिशाहीन हो जाते हैं, जबकि प्रेरणा के अभाव में लक्ष्य अधूरे रह जाते हैं।
प्रोफेसर एस. के. सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि लक्ष्य व्यक्ति को दिशा देता है और प्रेरणा उसे उस दिशा में लगातार आगे बढ़ने की ऊर्जा प्रदान करती है। यदि लक्ष्य स्पष्ट न हो तो व्यक्ति अपनी क्षमता का पूरा उपयोग नहीं कर पाता, वहीं प्रेरणा की कमी उसे बीच रास्ते में ही रोक देती है। उन्होंने अपने ऊधबोधन में माननीय कुलगुरु जी को इंगित करते हुए कहा है हमे इनसे सीख लेना चाहिए कि कितना भी तनाव हो, लेकिन हर कार्य को सजगता और सफलता पूर्वक करना इसी बात का द्योतक है कि इनकी टीम के प्रत्येक व्यक्ति का वर्तमान में ब्लड प्रेशर नापा जाय और 06 माह बाद नापा जाय तो निश्चित है पहले से कम आएगा यही तो सफलता का सूत्र सही प्रेरणा और सही लक्ष्य है।
कार्यक्रम में कुलगुरु ने मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रेरणा के दो प्रकार आंतरिक (Intrinsic) और बाह्य (Extrinsic) पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आंतरिक प्रेरणा, जो व्यक्ति के भीतर से उत्पन्न होती है, दीर्घकालिक सफलता के लिए अधिक प्रभावी होती है, जबकि बाह्य प्रेरणा अल्पकालिक परिणाम देती है।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही लक्ष्य का चयन है। सामाजिक दबाव और प्रतिस्पर्धा के कारण कई बार विद्यार्थी ऐसे लक्ष्य चुन लेते हैं, जो उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप नहीं होते, जिससे तनाव और असंतोष बढ़ता है। इसलिए लक्ष्य निर्धारण करते समय आत्ममूल्यांकन बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में जीवन कौशल, निर्णय क्षमता और स्व-प्रेरणा जैसे विषयों पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास पर ध्यान देना आवश्यक है।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. राजीव मिश्रा, नेशनल टास्क फोर्स की नोडल अधिकारी डॉ. साधना श्रीवास्तव सहित कई प्राध्यापक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे। मंच का संचालन डॉ दीपक वर्मा द्वारा एवं आभार व्यक्त प्रोफ़ेसर राजेन्द्र खटीक जी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. सुनीशा कुलकर्णी, डॉ. अंकुर श्रीवास्तव (सलाहकार, एनटीएफ मेंटल हेल्थ), डॉ दीपक वर्मा , डॉ. सुनीता चौहान, डॉ. उर्मिला यादव, डॉ. मोनिका तलरेजा, डॉ. रश्मि शर्मा, डॉ. रेणु पारस, डॉ. मोनिका मौर्य, भाव्यता कौल, सौम्या चौहान, नीलम खत्री, अविनाश गुर्जर, संकल्प परसेंडिया, बृजेश राणा सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

Please follow and like us:
Pin Share