मुरार/अंबाह।(अजय जैन)किसी अपने की स्मृतियों को केवल तस्वीरों और यादों तक सीमित रखने के बजाय यदि उन्हें समाज सेवा का माध्यम बना दिया जाए, तो वह कार्य वर्षों तक लोगों के जीवन में प्रेरणा और उम्मीद जगाता है। ऐसा ही अनुकरणीय कार्य मुरार के समाजसेवी सौरभ जैन “बड़े गांव वाले” ने अपने पिता स्वर्गीय गिरीश जैन “नेताजी” एवं दादा स्वर्गीय शंकरलाल जैन की स्मृति में कर दिखाया है। इस कार्य में उनके चाचा महावीर प्रसाद जैन एवं भाई अंकुश जैन का भी पूर्ण सहयोग रहा है
महावीर गंज मुरार स्थित श्री लाला गोकुलचन्द्र जैसवाल जैन मंदिर क्रमांक-7, जो कि सोनागिर कमेटी द्वारा संचालित हैं उसमें जैन धर्मार्थ चिकित्सालय का भव्य लोकार्पण समारोह श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समर्पण के वातावरण में सम्पन्न हुआ। लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह चिकित्सालय अब आमजन के लिए राहत का केंद्र बनेगा। यहां मरीजों को बाजार दर से लगभग 50 प्रतिशत कम लागत पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि ओपीडी में डॉक्टर निशुल्क मरीजों की जांच एवं परामर्श देंगे।
समारोह में भावुक होते हुए सौरभ जैन ने कहा कि उनके पिता स्व. गिरीश जैन “नेताजी” सदैव समाज सेवा और जरूरतमंदों की सहायता के लिए समर्पित रहे। लोगों के सुख-दुख में खड़े रहना उनका स्वभाव था। उन्हीं के संस्कारों और प्रेरणा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से इस धर्मार्थ चिकित्सालय का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि पिता की स्मृति को जीवंत रखने का सबसे अच्छा माध्यम समाजहित में कार्य करना है।
सौरभ जैन ने कहा कि उन्होंने अपने परिवार की ओर से अस्पताल का भवन तैयार कर समाज को समर्पित किया है। अब यह चिकित्सालय जैन समाज एवं सभी समाजों के सहयोग से निरंतर संचालित होगा और गरीबों व जरूरतमंदों की सेवा करेगा। उन्होंने बताया कि लोकार्पण समारोह के दौरान अनेक समाजसेवियों एवं जैन समाज के गणमान्य नागरिकों ने अस्पताल संचालन के लिए सहयोग एवं दान देने की स्वीकृति भी प्रदान की।
उन्होंने कहा कि आज के समय में इलाज इतना महंगा हो चुका है कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार समय पर उपचार कराने में असमर्थ हो जाते हैं। कई परिवार केवल आर्थिक अभाव के कारण बेहतर चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। इसी पीड़ा को समझते हुए इस धर्मार्थ चिकित्सालय की स्थापना की गई है, ताकि हर वर्ग का व्यक्ति सम्मानपूर्वक सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त कर सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह अस्पताल केवल जैन समाज के लिए नहीं, बल्कि सभी समाजों के लोगों के लिए समर्पित है।
लोकार्पण समारोह में राज्यसभा सदस्य अशोक सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अपने परिजनों की स्मृति में समाजोपयोगी संस्थान बनाना वास्तव में पुण्य कार्य है। ऐसे प्रयास समाज में सेवा, संवेदनशीलता और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि यह चिकित्सालय आने वाले समय में हजारों लोगों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
कार्यक्रम में सुरेंद्र यादव, जय प्रकाश राजौरिया, मुन्नालाल गोयल, आशीष अग्रवाल, दशरथ सिंह गुर्जर, हेवरन सिंह कंसाना सहित जैन समाज एवं अन्य समाजों के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने चिकित्सालय की व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए इसे जनसेवा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
वक्ताओं ने कहा कि निजी अस्पतालों के बढ़ते खर्च के बीच यह धर्मार्थ चिकित्सालय आमजन के लिए बड़ी राहत साबित होगा। यहां सेवा भावना के साथ गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है, जो समाज के लिए प्रेरणादायी पहल है।
कार्यक्रम के अंत में आयोजक महावीर प्रसाद जैन, सौरभ जैन एवं अंकुश जैन ने उपस्थित सभी अतिथियों, समाजसेवियों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि
महावीर गंज में स्थापित यह चिकित्सालय अब केवल स्वास्थ्य सेवा का केंद्र नहीं, बल्कि स्व. गिरीश जैन “नेताजी” की स्मृतियों, उनके संस्कारों और मानव सेवा की भावना का जीवंत प्रतीक बन गया है, जो आने वाले समय में हजारों लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगाएगा।

