इटावा। महोला जेल में तैनात एक सिपाही को हिस्ट्रीशीटर ने रंगदारी के लिए रोक लिया। विरोध करने पर सिपाही के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसकी कार को भी नुकसान पहुंचाया गया। मौके पर मौजूद पीएसी जवानों के समय पर हस्तक्षेप से सिपाही की जान बच सकी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मुरादाबाद के थाना छजलेट क्षेत्र के कुरीरवाना गांव निवासी अर्श मलिक महौला जेल में सिपाही के पद पर तैनात हैं। जैसे ही उनकी गाड़ी शहर के कुनैरा मोड़ पर पहुंची, तभी अचानक एक कार ने सामने आकर रास्ता रोक लिया। कार से उतरे युवक ने खुद को सिकंदर यादव निवासी कुनैरा बताते हुए उनसे रंगदारी की मांग शुरू कर दी। सिपाही ने जब रंगदारी देने से मना किया और खुद को जेल कर्मी बताते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की, तो आरोपी गुस्से में आ गया। उसने गाली गलौज शुरू कर दी और कार में जमकर तोड़फोड़ की। कार के शीशे तोड़ दिए गए और वाहन को काफी नुकसान पहुंचाया गया। इसके बाद आरोपी ने सिपाही को कार से बाहर खींच लिया और सड़क पर दौड़ा दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया, जिससे सिपाही को गंभीर चोटें आईं।
हिस्ट्रीशीटर ने सिपाही को दौड़ाकर पीटा, मांगी रंगदारी

