भिण्ड 05 फरवरी 2026/ कलेक्टर भिण्ड द्वारा जिला वार्षिक योजना समिति (एपीसी) तथा स्वरोजगार एवं रोजगार मूलक योजनाओं की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत भिण्ड सहित संबंधित विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में संबंधित विभाग अधिकारियों द्वारा विकास योजनाओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। जिसमें राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के क्रियान्वयन हेतु बीआरसी गतिविधि, प्रगति एवं कार्ययोजना, “आत्मा” कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम अंतर्गत प्राकृतिक खेती और जैविक शहद उत्पादन, उद्यानिकी विभाग की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई), जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित भिंड की संत रविदास स्वरोजगार योजना, डॉ भीमराव अम्बेडकर आर्थिक कल्याण योजना, पशुपालन विभाग की डॉ भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना, मत्स्य विभाग की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, नगरीय विकास विभाग की पीएम स्वनिधि योजना, उद्योग विभाग की मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व सहायता समूह बैंक लिंकेज, लखपति दीदी की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कृषि को रोजगार का मजबूत माध्यम बताते हुए कहा कि कृषि भी एक प्रकार से रोजगार ही है, कृषि के माध्यम से भी लोगों को रोजगार मिल सकता है। पॉलीहाउस स्थापना और कस्टम हायरिंग सेंटर खोलकर किसानों को स्वरोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। जिससे किसानों को अतिरिक्त आय के स्रोत मिल सकें। साथ ही रोजगार मूलक योजनाओं के बैंकों में लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश सभी बैंकों को दिए। कृषकों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिये जागरूकता अभियान चलाये जाने निर्देश दिए। जिले में नवाचार घटक अंतर्गत समस्त विकासखंडों में चयनित प्राकृतिक खेती कर रहे कृषकों के फार्म पर जैविक शहद उत्पादन हेतु मधुमक्खी पालन हेतु प्रोत्साहित करने निर्देश दिए।
कृषि के माध्यम से भी मिल सकता है लोगों को रोजगार – कलेक्टर

