इटावा-वीर बाल दिवस (साहिबजादा दिवस) के अवसर पर पूरे देश में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के साहिबजादों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।इसी क्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष अरुण कुमार अन्नू गुप्ता के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए।प्रदेश उपाध्यक्ष व महिला कल्याण निगम अध्यक्ष कमलावती सिंह, सदर विधायक सरिता भदौरिया व भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू गुप्ता ने बस स्टैंड परिसर में चार साहब जादों की वीरता पर आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर अवलोकन किया। प्रदेश उपाध्यक्ष कमलावती सिंह, सदर विधायक सरिता भदौरिया व भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू गुप्ता ने शहर के गुरुद्वारा में मत्था टेककर वीर साहिबजादों को याद किया।भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू गुप्ता की अध्यक्षता में भाजपा जनपद कार्यालय पर जिला संगोष्ठी का आयोजन किया गया।जिला संगोष्ठी को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष व महिला कल्याण बोर्ड निगम अध्यक्ष कमलावती सिंह ने कहा कि वीर बाल दिवस (साहिबजादा दिवस) गुरु गोबिंद सिंह जी के बेटों के बलिदानों के सम्मान में मनाया जाता है। गुरु गोबिंद सिंह के बेटे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने छोटी उम्र में ही धर्म की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी थी। ये दोनों छावा की तरह दहाड़ते थे और आज भी इनकी शहादत लोगों को याद है। 10 साल से भी कम उम्र में दोनों मुगल शासकों की क्रूरता के खिलाफ डटकर खड़े रहे। मुगल शासकों ने बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह को पकड़कर उन पर धर्म परिवर्तन का काफी दबाव डाला था। लेकिन उनका सिर मुगल शासकों के सामने झुका नहीं। अपनी हार को मुगल शासक बर्दाश्त नहीं कर पाए और उन्होंने श्री गुरु गोबिंद सिंह के बेटों को दीवार में जिंदा चिनवा दिया था। वहीं अपने पोतों की शहादत की खबर जैसे ही माता गुजरी जी को मिली तो उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए।जिला संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए सदर विधायक सरिता भदौरिया ने कहा कि वीर बाल दिवस मनाने की शुरुआत 9 जनवरी, 2022 को श्री गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व के मौके पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। तभी से हर साल 26 दिसंबर के दिन को वीर बाल दिवस के रुप में मनाया जाने लगा. इस दिन कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इतिहास के पन्नों में दर्ज यह कथा सिर्फ शहादत की नहीं, बल्कि अदम्य हौसले और सत्य पर अडिग रहने की मिसाल है। मुगल शासन के दौर में जब धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया, तब नन्हे साहिबजादों ने किसी भी प्रलोभन या भय के आगे झुकने से इनकार कर दिया था। सरहिंद के नवाब वजीर खान के आदेश पर उन्हें दीवार में जिंदा चुनवा दिया गया, लेकिन उनका विश्वास डिगा नहीं।जिला संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए अपने समापन उद्बोधन में भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि भारतीय इतिहास में अद्वितीय साहस, त्याग और अडिग आस्था की याद दिलाता है। देशभर में इस दिन को वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है, यह दिवस धर्म और संस्कृति पर अडिग रहने और भय का निर्भीकता से मुकाबला करने की सीख देता है। इसलिए इसका इतिहास हम सभी को जानना चाहिए। जिला संगोष्ठी कुशल संचालन कार्यक्रम संयोजक व जिला उपाध्यक्ष देवप्रताप भदौरिया ने किया।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया, पूर्व विधायक सावित्री कठेरिया, ब्लॉक प्रमुख गणेश राजपूत, जिला महामंत्री शिवाकांत चौधरी, सरदार दलजीत सिंह, सरदार मनप्रीत सिंह, सरदार मोहन सिंह, जिला उपाध्यक्ष हरनाथ कुशवाह, शिवकिशोर धनगर, जिला मंत्री रजत चौधरी, जिला मंत्री डॉ ज्योति वर्मा, ममता कुशवाहा, चक्रेश जैन, राहुल राजपूत, कोषाध्यक्ष संजीव भदौरिया, जिला मीडिया प्रभारी रोहित शाक्य, राजवर्धन भदौरिया, कार्यक्रम सह-संयोजक सतेंद्र राजपूत, महिला मोर्चा अध्यक्ष विरला शाक्य, प्रमिला पालीवाल, नीतू नारायण मिश्रा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख अशोक चौबे, समीर सक्सेना, प्रीति दुबे,मीनाक्षी चौहान, मोनू चौहान, अभिषेक मिश्रा, सोशल मीडिया प्रमुख विमलेश शाक्य, अंकित सैनी, आई टी प्रमुख शरद तिवारी सहित जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मोर्चा अध्यक्ष व कार्यकर्ता उपस्थिति रहें।
वीर बाल दिवस पर जिला संगोष्ठी का आयोजन की श्रृद्धांजलि आर्पि

