भावलिंगी संत आचार्य श्री विमर्श सागर जी ने दी पावन प्रेरणा – तीर्थों के संरक्षण के लिए बनाये 1008 “तीर्थ चक्रवर्ती”

अब भारत भूमि पर बनेंगे 1008 “तीर्थ चक्रवर्ती”। जी हाँ, परमपूज्य संघ शिरोमणि भावलिंगी संत श्रमणाचार्य श्री विमर्शसागर जी महामुनिराज ने मुजफ्फरनगर की धर्मधरा पर कल्पतीर्थ मठड्‌पम् में चल रही 8 दिवसीय “श्री 1008 कल्यद्रम महामण्डल विधान की आराधना के मध्य विशाल धर्मसभा के मध्य अपने उद्‌बोधन में तीर्थक्षेत्रों के संरक्षण हेतु ” तीर्थ चक्रवर्ती” बनने की पावन प्रेरणा प्रदान की। भारत वर्षीय तीर्थ क्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान जम्बुप्रसाद जैन के नेतृत्व में श्रीमान जवाहर लाल एवं शरद जैन “सान्ध्य महालक्ष्मी”, दोनों महानुभाव भावलिगी संत आचार्य श्री विमर्शसागर जी महामुनिराज के चरणों में उपस्थित हुये और कहा – गुरुदेव । आपकी ही पावन प्रेरणा से राजधानी दिल्ली में लाल किले पर महावीर जयन्ती के अवसर पर “तीर्थ रक्षा संकल्प ज्योति” के माध्यम से देशभर में हम सबने जैनों को जागरूक करने का सफलतम प्रयास किया। शरद जैन “सांध्यमहालक्ष्मी” ने आचार्य श्री पुनः निवेदन किया कि ” हे आचार्य भगवन् ! हमारे तीर्थों के संरक्षण में जन-जन आगे आकर अपनी भूमिका अदा कर सके, आप भारतवर्षीय जैन समाज का मार्ग दर्शन करें।” आचार्य श्री विमर्श सागर जी महामुनिराज ने अपने धर्मोपदेश में धर्मसभा में कहा – ” तीर्थ ही हमारी पहिचान है चाहे वे चल तीर्थ हों या अचल तीर्थ । तीर्थों के संरक्षण के लिए आप सबको भारतवर्षीय तीर्थ क्षेत्र कमेटी को मजबूत करना होगा। इसके लिए आपको ” तीर्थ चक्रवर्ती” बनकर तीर्थों के संरक्षण में अपने पुण्य का सदुपयोग करना होगा।” पूज्य आचार्य भगवन की प्रेरणा पाते ही आराधना में उपस्थित श्रठालु समुदाय में से 11 ” तीर्थ चक्रवर्ती” बनने वाले जैन परिवारों ने अपने नाम दर्ज कराकर एक अनूठी पहल शुरू की।
आगामी 30 नवम्बर को श्री कलाद्रुम महामण्डल विधान हवन की मंगल आहू‌तियों के साथ महा-अर्चना की सम्पन्नता होगी।
1 दिसम्बर को गुरुदेव 35 पीछीधारी संयमियों के साथ मुज़फ़्फ़रनगर के जैन मिलन विहार में भव्य मंगल प्रवेश करेंगे !
बड़ौत नगरी की 11 वर्षों बाद जाग रहा है महा पुण्योदय
13 दिसम्बर को आचार्य श्री विमर्श सागर जी महामुनिराज 35 पीछीधारीयों के साथ धर्मनगरी बड़ौत में प्रवेश करेंगे !
14 दिसंबर को बड़ौत में जिनागमपंथी भक्त मनायेगे आचार्य गुरुवर का 28 वां विमर्श संयमोत्सव ।
जिनागमपंथी श्रावक संघ दिल्ली प्रदेश, बड़ौत में 14 दिसंबर को करेंगे “100 वाँ साप्ताहिक अभिषेक”
होगा महा महोत्सव – साक्षी होंगे हम और आप ।

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