ग्वालियर।* मध्यप्रदेश सरकार द्वारा राज्य के शासकीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की वृद्धि किए जाने की घोषणा से नियमित कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, महंगाई भत्ते में यह वृद्धि जनवरी माह से देय होगी। जनवरी से सितंबर तक के 9 माह के एरियर का भुगतान तीन समान मासिक किस्तों में किया जाएगा। वहीं अक्टूबर माह के वेतन के साथ बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नकद भुगतान किया जाएगा। पेंशनर्स को भी जुलाई 2026 से महंगाई राहत में 2 प्रतिशत वृद्धि का लाभ दिए जाने की जानकारी साझा की गई है।
लेकिन दूसरी ओर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), मध्यप्रदेश में कार्यरत हजारों संविदा कर्मचारियों के लिए आर्थिक राहत की तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आ रही है। दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार पर भी इन कर्मचारियों को न तो बोनस मिला, न महंगाई भत्ता मिलता है और न कोई अतिरिक्त लाभ और न ही कोई विशेष त्योहार सहायता राशि।
एक ही प्रदेश, लेकिन आर्थिक सुविधाओं में बड़ा अंतर!
एक तरफ राज्य सरकार अपने नियमित कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि कर उन्हें बढ़ती महंगाई से राहत दे रही है, वहीं दूसरी तरफ NHM के संविदा कर्मचारी लंबे समय से आर्थिक लाभों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन कर्मचारियों के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर उनके आर्थिक हितों और महंगाई से जुड़ी परेशानियों पर कब ध्यान दिया जाएगा?
कर्मचारियों का कहना है कि वे भी स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं, राष्ट्रीय कार्यक्रमों और जनहितकारी स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में पूरी जिम्मेदारी से योगदान दे रहे हैं। कई संविदा कर्मचारी वर्षों से लगातार सेवाएं दे रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान आर्थिक सुरक्षा एवं महंगाई से राहत देने वाली सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ग्रेड पे विसंगति भी बनी हुई है लंबित
संविदा कर्मचारियों की परेशानी केवल महंगाई भत्ते और बोनस तक सीमित नहीं है। विभिन्न संवर्गों की ग्रेड पे विसंगति को दूर करने के लिए NHM भोपाल द्वारा कमेटी गठित कर अलग-अलग कैडर के कर्मचारियों की बैठकें आयोजित की गई थीं। कर्मचारियों ने अपने अभ्यावेदन एवं दस्तावेज भी प्रस्तुत किए, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस निर्णय सामने नहीं आने से असंतोष बढ़ता जा रहा है।
सरकार से कर्मचारियों की अपेक्षाएं
NHM संविदा कर्मचारियों की मांग है कि:
1. संविदा कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) दिया जाए।
2. दीपावली बोनस अथवा विशेष त्योहार सहायता राशि प्रदान की जाए।
3. विभिन्न संवर्गों की लंबित ग्रेड पे विसंगतियों का शीघ्र निराकरण किया जाए।
4. वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को उचित वेतन वृद्धि एवं आर्थिक सुरक्षा का लाभ दिया जाए।
5. 10 वर्ष पूर्ण कर चुके संविदा कर्मचारियों का शीघ्र नियमितीकरण/संविलयन किया जाए।
*सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब प्रदेश के नियमित कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक राहत दी जा रही है, तो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों के लिए भी महंगाई से राहत देने वाली ठोस व्यवस्था कब लागू होगी?*
स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले इन कर्मचारियों को भी उम्मीद है कि सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेगी और उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि वास्तविक आर्थिक राहत प्रदान करेगी।

