इटावा। यमुना नदी में मछलियों की घटती संख्या को बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार की नदी बीज संचय योजना के तहत बुधवार को मत्स्य विभाग की ओर से मत्स्य बीज संचयन कार्यक्रम आयोजित किया गया। काली वाहन मंदिर के सामने स्थित भूतपापेश्वर महादेव मंदिर के निकट यमुना नदी में सदर विधायक प्रतिनिधि हरि नारायण बाजपेई ने 50 हजार मत्स्य बीज प्रवाहित किए। इनमें रोहू, नैन और कतला प्रजातियों की मछलियों के फिंगरलिंग आकार के बच्चे शामिल रहे। कार्यक्रम सहायक निदेशक मत्स्य विजय कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर सदर विधायक प्रतिनिधि हरि नारायण बाजपेई ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए काम कर रही है। मछुआ समुदाय के आर्थिक विकास के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषादराज बोट योजना और मोती पालन योजना सहित कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।उन्होंने कहा कि मछुआ समुदाय के लोगों को मत्स्य पालन के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए सरकार प्रयासरत है। मछली पकड़ने पर प्रतिबंध की अवधि में परिवारों को आर्थिक संकट से बचाने के लिए तीन महीने तक विशेष बेरोजगारी भत्ता देने की व्यवस्था भी की गई है।
बाजपेई ने कहा कि मत्स्य विभाग की समितियों के गठन की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। पिछली सरकारों में जहां 10-10 वर्षों में मुश्किल से एक समिति का गठन हो पाता था, वहीं वर्तमान सरकार में बड़ी संख्या में समितियां बनाई जा रही हैं। इससे मछुआ समुदाय के लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं और वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि स्वामी प्रदीपानंद जी महाराज, सहायक निदेशक मत्स्य विजय कुमार गुप्ता, वरिष्ठ मत्स्य निरीक्षक प्रमोद कुमार, मत्स्य निरीक्षक उदयवीर यादव, भाजपा मत्स्य प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष ओम रतन कश्यप, व्यापार प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अजय कुमार गुप्ता, व्यापार मंडल उपाध्यक्ष राजीव कुमार पाल, यश कश्यप, मुन्नालाल निषाद, परमजीत कश्यप, रामू निषाद और अनुराग यादव सहित बड़ी संख्या में मत्स्यपालक मौजूद रहे।
यमुना में छोड़े गए 50 हजार मत्स्य बीज, मत्स्यपालकों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर

