दतिया। मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशन अनुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय चंद्र की अध्यक्षता में 19 सितंबर को जिला जेल दतिया में विधिक जागरूकता कार्यक्रम एवं जेल निरीक्षण किया गया।जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय चंद्र द्वारा सभागार में उपस्थित समस्त कैदियों से कहा कई बार आवेश में आकर हमसे गलतियां हो जाती है यह मानवीय व्यवहार है लेकिन यहां हम अपनी गलतियों पर मंथन करके अपने आचरण से व्यव्हार सुधार सकते है।उन्होंने कहा कि हमें कभी भी प्रतिशोध की भावना नहीं रखनी चाहिए प्रतिशोध की भावना हमें कभी भी आगे नहीं बढ़ने देती और यह हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए नुकसानदेह है। जब हम किसी से बदला लेने के बारे में सोचते हैं तो हम सामने वाले से ज्यादा खुद को चोट पहुंचा रहे होते हैं प्रतिशोध की भावना आपके दिमाग को हमेशा अशांत और तनाव होता है। आप सामने वाले का बुरा सोचने में अपनी ऊर्जा बर्बाद कर देते हैं। उन्होंने निःशुल्क विधिक सहायता योजना, प्ली बारगेनिंग योजना, जमानती लाभ, मध्यस्थता योजना, की विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की तथा प्रकरणों के संबंध में विधिक प्रावधानों तथा आगामी न्यायालय प्रक्रिया से अवगत कराया गया।जागरूकता कार्यक्रम के उपरांत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा जिला जेल का निरीक्षण किया गया। जिसमें समस्त बैंरकों एवं पाकशाला तथा अस्पताल वीसी रूम का का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर सुश्री निधि पिंटो सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला जेल अधीक्षक ओपी पांडे उपस्थित रहे।
दतिया जेल में आयोजित किया गया विधिक साक्षरता शिविर एवं निरीक्षण कार्यक्रम

