इटावा। शहर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर लालपुरा में पर्वाधिराज पर्युषण (दशलक्षण) महापर्व के अंतर्गत धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला जारी है। पट्टाचार्य आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री 108 विशल्य सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में महापर्व के पांचवें दिन श्रद्धालुओं ने उत्तम सत्य धर्म की आराधना की। प्रातःकाल मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने विधि-विधानपूर्वक श्रीजी का अभिषेक किया। इसके पश्चात मुनि श्री के मुखारविंद से शांतिधारा संपन्न कराई गई।मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों द्वारा आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर महाराज जी के चित्र का अनावरण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। धार्मिक अनुष्ठान में पुरुष श्रद्धालु पीले वस्त्र धारण कर इंद्र के रूप में शामिल हुए, जबकि महिलाओं ने भी पीले वस्त्र धारण कर विधान में सहभागिता की। इंद्र-इंद्राणियों सहित श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से पूजन-अर्चन किया। भजनों की मधुर धुन पर श्रद्धालु भक्ति नृत्य करते हुए झूम उठे, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। मुनि श्री के चरण प्रक्षालन का करने का सौभाग्य कमेटी को प्राप्त हुआ, जबकि शास्त्र भेंट करने का अवसर महिला मंडल को मिला। संगीतमय वातावरण में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान एवं भक्तिभाव के साथ श्रीजी का पूजन किया
सोमवार को सुगंध दशमी पर होंगे विशेष धार्मिक आयोजन
जैन समाज अध्यक्ष संजू जैन ठेकेदार ने बताया कि सोमवार को दशलक्षण महापर्व के छठवें दिन सुगंध दशमी के अवसर पर नगर के विभिन्न जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान होंगे। नशियां जी मंदिर कमेटी के महामंत्री धर्मेंद्र जैन ने बताया कि सुगंध दशमी का जैन धर्म में विशेष महत्व है और इस दिन श्रद्धालु विधि-विधानपूर्वक विशेष पूजन करते हैं।चातुर्मास कमेटी के कोषाध्यक्ष रीतेश जैन ने बताया कि सुगंध दशमी के अवसर पर सायंकाल बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और पुरुष मंदिरों में पहुंचकर धूप अर्पित करेंगे।पंसारी टोला महिला मंडल की अध्यक्ष नीता जैन ने कहा कि सुगंध दशमीआत्मशुद्धि और धर्म आराधना का विशेष अवसर है।नामित सभासद प्रीति जैन ने बताया कि यह दिन श्रद्धा, भक्ति और आत्मशुद्धि की भावना से जुड़ा है।लवली जैन ने बताया कि इस दिन विशेष पूजा-अर्चना और धूप अर्पण की परंपरा है।श्वेता जैन ने कहा कि दशलक्षण महापर्व आत्मचिंतन और आत्मसंयम का संदेश देता है।श्रद्धा जैन ने बताया कि सुगंध दशमी पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की विशेष सहभागिता रहती है।संगीता जैन ने बताया कि सुगंध दशमी के धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को धर्म और संस्कारों से जोड़ते हैं।सायंकाल श्रीजी एवं मुनि श्री की भव्य महाआरती की गई। इसके उपरांत शची महिला मंडल करनपुरा द्वारा आठ का चक्र कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मंदिर परिसर देर शाम तक भक्तिमय बना रहा।इस अवसर पर स्वर्णिम वर्षायोग साधु सेवा समिति के पदाधिकारी विवेक जैन, बंटी जैन बनारस पूरन जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन ब्रह्मचारिणी अलका दीदी ने किया। मंदिर पंसारी टोला, करनपुरा,बरही पुरा, नशियां जी,डांडा जैन मंदिर,सराये शेख,कटरा मंदिर,एसडी फील्ड,छिपैठी, आदि मंदिरों में पूजा-अर्चना चल रही है
उत्तम सत्य धर्म की आराधना से भक्तिमय हुआ लालपुरा जैन मंदिर-मुनि श्री विशल्य सागर जी सोमवार को सुगंध दशमी पर होंगे विशेष आयोजन

