इटावा- राज्य कर विभाग के जोनल कार्यालय में शनिवार को चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा एवं शीशा लेपित डोरी के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य कर विभाग के अधिकारियों, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों तथा स्थानीय धागा व्यापारियों ने भाग लिया।
बैठक में अपर आयुक्त एच.पी. राव दीक्षित, संयुक्त आयुक्त बृजेन्द्र प्रताप सिंह, उपायुक्त अरुण सिंह, अनिरुद्ध सिंह, प्रतिभा, सहायक आयुक्त मनीष राय सहित अन्य अधिकारियों ने उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ के आदेशों के अनुपालन में चाइनीज एवं सिंथेटिक मांझे की बिक्री और उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर विस्तृत चर्चा की।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की ओर से जिला महामंत्री धर्मेंद्र जैन, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. हरिशंकर पटेल, लल्लू वारसी, युवा जिला महामंत्री रंजीत सिंह कुशवाहा, नगर प्रभारी संजय वर्मा, जिला प्रवक्ता इकरार अहमद, महिला जिला अध्यक्ष अर्चना कुशवाहा, महिला जिला संरक्षक सुशीला राजावत, महिला लाइनपार अध्यक्ष अंजू यादव तथा सदाशिव श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।अपर आयुक्त एच.पी. राव दीक्षित ने कहा कि चाइनीज और सिंथेटिक मांझे की खरीद-बिक्री मानवता एवं प्रकृति के विरुद्ध है। इससे लोगों और पक्षियों के जीवन को गंभीर खतरा उत्पन्न होता है, इसलिए इसके विक्रय पर पूर्ण रोक लगाने की आवश्यकता है।संयुक्त आयुक्त बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने व्यापार मंडल से बाजारों, कस्बों और मोहल्लों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चाइनीज मांझे से दोपहिया वाहन चालकों, राहगीरों और पक्षियों को गंभीर चोटें पहुंचती हैं तथा कई मामलों में जान तक चली जाती है।जिला महामंत्री धर्मेंद्र जैन ने व्यापार मंडल की ओर से आश्वासन दिया कि चाइनीज एवं सिंथेटिक मांझे के विरुद्ध व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में मौजूद पतंग व्यापारियों मोहम्मद नफीस, दीन मोहम्मद और मोहम्मद आदिल ने बताया कि वे चाइनीज एवं सिंथेटिक मांझे की बिक्री नहीं करते हैं। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण इटावा में चाइनीज मांझे से दुर्घटना का कोई मामला स्थानीय अस्पतालों में सामने नहीं आया है।
चाइनीज मांझे पर रोक को लेकर व्यापारियों व राज्य कर विभाग की बैठक

