इटावा। जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल एवं एसएसपी ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई।
जिलाधिकारी ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के अंतर्गत अभियोजित वादों तथा पीड़ितों को दी जाने वाली क्षतिपूर्ति, गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकल्प निवारण अधिनियम, 1986 के अंतर्गत वादों, महिलाओं के विरुद्ध घटित होने वाले लैंगिक अपराधों के वादों एवं अन्य आपराधिक वादों के निस्तारण की गहन समीक्षा की। उन्होने जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृण बनाये रखने एवं लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपराधियों को समाज के लिये नासूर बताते हुये कहा कि अपराधियों के प्रति कतई रहम न बरतते हुये सामाजिक हित में उनके अपराध की सजा बतौर उन्हें जेल भिजवाया जाना बहुत जरूरी है साथ ही कहा कि निर्दाेष लोगो को किसी भी प्रकार की समस्या न होने पाये। उन्होने महिला सम्बन्धी अपराधों, पास्को एक्ट से सम्बन्धित मुकदमों पर प्रभावी ढंग से कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने आपराधिक मामलों में लिप्त अपराधियों को सजा दिलाने हेतु न्यायालयों में मुकदमों की प्रभावी ढंग से पैरवी करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिये कि गैंगस्टर, महिलाओं और बच्चों से संबंधित आपराधिक मामलों का निर्धारित समयावधि के अंतर्गत निस्तारण कराया जाना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि चिन्हित बड़े अपराधियों को सजा दिलाना प्रशासन और अभियोजन विभाग का दायित्व है। जिलाधिकारी ने कहा कि महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों के मामलों में सरकार विशेष रूप से संवेदनशील है, इसलिए ऐसे मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए मजबूत पैरवी सुनिश्चित की जाए ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके। बैठक में अपर जिलाधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव, एसपी सिटी अभयनाथ त्रिपाठी सहित फौजदारी, पास्को एक्ट, राजस्व, दीवानी, गैंगस्टर एक्ट, आदि के सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता व अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
अपराधियों को सजा दिलाने न्यायालयों में मुकदमों की प्रभावी ढंग से पैरवी करने के निर्देश-जिलाधिकारी

