भिण्ड 29 जनवरी 2026/ कलेक्टर भिण्ड द्वारा में खण्ड स्तरीय चिकित्सा अधिकारियों की समीक्षा बैठक गोहद के जनपद सभागार में आयोजित की गई। बैठक में सीएमएचओ भिण्ड, बीएमओ गोहद, समस्त सीएचओ, एएनएम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओ को सुदृढ़ ताकि रेफरल को संख्या कम से कम हो। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी को समय रहते चिन्हित कर स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए। शिशु स्वास्थ्य जांच और पोषण पुनर्वास केंद्रों को सक्रिय बनाया जाए।
कलेक्टर द्वारा सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की प्रभावशाली स्क्रीनिंग पर जोड़ दिया गाया। ए एन एम, आशा सहयोगी और चिकित्सकों की टीम मिलकर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली गर्भवती महिलाओं को पहचानें। इनका इलाज जिला अस्पताल या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही हो। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को विशेष निगरानी में रखें, ताकि मातृ मृत्यु दर शून्य हो।
कलेक्टर ने शिशु स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता दी। नवजात शिशुओं की नियमित जांच सुनिश्चित करें। कुपोषित बच्चों के लिए पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) को पूरी क्षमता से चलाएं। एनआरसी में भर्ती बच्चों की संख्या बढ़ाने के बजाय रोकथाम पर जोर दें। पोषण अभियान के तहत समुदाय स्तर पर जागरूकता फैलाएं। आशा कार्यकर्ताओं को कुपोषण के लक्षणों की ट्रेनिंग दें। टीकाकरण और विकास जांच को जोड़ें।
कलेक्टर ने सभी स्वास्थ्य आधिकारियों से कहा कि पैरामेडिकल स्टाफ को भी संवेदनशील बनाएं। शिकायत निवारण तंत्र मजबूत करें। सेवा भाव से काम करेंगे तो स्वास्थ्य सूचकांक बेहतर होंगे।
बैठक में एएनसी रजिस्ट्रेशन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके अलावा फोर्थ एएनसी चेकअप का स्टेटस, शिशु स्वास्थ्य जांच, शिशु मृत्यु दर, आयुष्मान भारत योजना तथा अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति पर गहन चर्चा हुई। कलेक्टर ने प्रत्येक बिंदु पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
रेफरल की संख्या घटाने हेतु करे आवश्यक प्रयास – कलेक्टर

