जैन धर्म में शोध को जन-जन तक पहुंचाना हमारा कर्तव्य : अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज
इंदौर- प्राकृत वाङ्मय के माध्यम से संस्कृति संरक्षण पर हुआ गहन चिंतन श्री दिगंबर जैन उदासीन आश्रम ट्रस्ट एवं कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ, इंदौर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित द्विदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के द्वितीय दिन रविवार को विभिन्न सत्रों में जैन दर्शन, प्राकृत वाङ्मय एवं सिरि भूवलय के विविध आयामों पर गहन मंथन किया गया। धर्म समाज…

