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उस्ताद के बिना इल्म नहीं, इल्म के बिना रूह नहीं- साजिद

इटावा-आल इंडिया जमीअत उर राईन के युवा जिलाध्यक्ष व समाजसेवी साजिद अली राईन अशरफी ने गुरू दिवस के अवसर पर उस्तादों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उस्ताद के बिना इल्म नहीं और इल्म के बिना रूह नहीं। उन्होंने कहा कि उस्ताद यानी गुरु का स्थान हमारे जीवन में सबसे ऊँचा होता है। गुरु ही वह मार्गदर्शक होते हैं, जो हमें अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं।
साजिद अली ने कहा कि एक अच्छा गुरु न केवल शिक्षा देता है, बल्कि एक अच्छा इंसान भी बनाता है। उन्होंने सभी युवाओं से आह्वान किया कि अपने गुरुओं का हमेशा सम्मान करें और उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज व देश की सेवा करें। इस मौके पर उन्होंने समाज के सभी शिक्षकों और गुरुओं को गुरू पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब नैतिक मूल्यों का क्षरण हो रहा है, ऐसे समय में गुरुओं की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। गुरु शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जिसे हर हाल में जीवित रखना हमारी जिम्मेदारी है

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