इटावा -राजस्व अधिवक्ता संघ एवं डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के बैनर तले सैकड़ों अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान “अधिवक्ता एकता जिंदाबाद” के नारों से कलेक्ट्रेट गूंज उठा।शासनादेश के अनुसार 24 अगस्त 2026 से उपजिलाधिकारी सदर इटावा का न्यायालय तहसील सदर में स्थानांतरित किया जा रहा है। सभी वादों की सुनवाई वहीं होगी।
और तहसीलदार द्वारा अधिवक्ताओं के साथ अभद्रता का भी मुद्दा उठाया गया।डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट राजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि पूर्व में भी इस समस्या के समाधान हेतु प्रतिवेदन दिया गया था और जिलाधिकारी ने आश्वासन भी दिया था, लेकिन फिर भी स्थानांतरण किया जा रहा है जो वादकारियों और अधिवक्ताओं के हितों के विरुद्ध है। तहसील परिसर में एसडीएम न्यायालय जाने से न तो वादकारियों को सुलभ व सस्ता न्याय मिलेगा और न ही अधिवक्ताओं को सुविधा होगी। अध्यक्ष ने कहा कि कलेक्ट्रेट परिसर में पर्याप्त न्यायालय कक्ष उपलब्ध हैं। प्रारंभ से ही समस्त जनपदीय राजस्व न्यायालय यहां सुलभता से संचालित हो रहे हैं, जिसमें किसी प्रकार की बाधा नहीं है। यदि एसडीएम सदर का न्यायालय स्थानांतरित किया गया तो यह शासन की मंशा का उल्लंघन होगा।डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि हठपूर्वक राजस्व न्यायालयों की सुचारू व्यवस्था में जिला प्रशासन द्वारा व्यवधान उत्पन्न किया जाता है तो जनपद इटावा के समस्त अधिवक्तागण समस्या के समाधान तक लोकतांत्रिक तरीके से राजस्व न्यायालयों का बहिष्कार करेंगे। इसके लिए जिम्मेदार जिला प्रशासन होगा। इस मौके पर डीबीए महामंत्री एडवोकेट नितिन तिवारी, कोषाध्यक्ष प्रभाकर त्रिपाठी, प्रवक्ता मीडिया प्रभारी अमित तिवारी, आदित्य मोहन शर्मा सहित वरिष्ठ अधिवक्ताओं में एडवोकेट शिव किशोर दुबे, जितेंद्र चतुर्वेदी, सुबोध चतुर्वेदी, रमन त्रिपाठी, रवि दीक्षित, इंद्र भूषण तिवारी जितेंद्र चौधरी, सनत मिश्रा, राजा बाबू तिवारी, योगेश राठौर, कमलेश शाक्य, प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव, यज्ञदत्त श्रीवास्तव, अनुज चतुर्वेदी, देवेंद्र पांडे, योगेश यादव, सुनील यादव, इन्द्रपाल सिंह, विवेक द्विवेदी, सोनू यादव, रीना यादव सहित सैकड़ो अधिवक्ता मौजूद रहे।
एसडीएम कोर्ट तहसील ले जाने पर अधिवक्ताओं का अल्टीमेटम, राजस्व न्यायालयों के बहिष्कार की चेतावनी,डीएम से वापस लेने की मांग

