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जीआरपी, आरपीएफ व रेलवे की सूझबूझ से मानसिक रूप से कमजोर युवक की बची जान

इटावा- रेलवे स्टेशन के माल गोदाम क्षेत्र में रविवार को एक मानसिक रूप से कमजोर युवक ट्रेन की छत पर चढ़ गया, जिससे ओएचई (रेलवे विद्युत लाइन) की चपेट में आने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया। सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे अधिकारियों ने संयुक्त रूप से तत्परता दिखाते हुए अथक प्रयास कर युवक को सकुशल नीचे उतार लिया।पुलिस महानिदेशक रेलवे उत्तर प्रदेश के निर्देश तथा पुलिस अधीक्षक रेलवे आगरा के निर्देशन में यह मानवीय एवं साहसिक कार्रवाई की गई। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार द्वारा सूचना मिलने पर जीआरपी के थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्टेशन अधीक्षक पूर्णमल मीणा ने इटावा से इकदिल के बीच ओएचई विद्युत आपूर्ति बंद कराई। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि लाइन में अवशिष्ट करंट बना हुआ था, जिससे खतरा पूरी तरह टला नहीं था।
जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने पहले युवक को समझाने और उसकी मांगें पूरी कर सुरक्षित नीचे आने के लिए प्रेरित किया, लेकिन जब वह नहीं माना तो सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना संयुक्त प्रयास कर उसे सुरक्षित ट्रेन की छत से नीचे उतार लिया।बचाए गए युवक की पहचान सिकन्दर कुमार (21 वर्ष) पुत्र वकील सिंह, निवासी ग्राम आदमपुर, पोस्ट परौरा, थाना के-नगर, जिला पूर्णिया (बिहार) के रूप में हुई। प्राथमिक देखभाल के बाद उसे उसके भाई धर्मेंद्र कुमार और ममेरे भाई चांदसी कुमार के सुपुर्द कर दिया गया।
इस संवेदनशील और साहसिक कार्य के लिए युवक के परिजनों ने जीआरपी, आरपीएफ एवं रेलवे अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की।
संयुक्त अभियान में शामिल टीम:
थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार (जीआरपी इटावा), प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार (आरपीएफ), उपनिरीक्षक अजब सिंह, एएसआई हरपाल सिंह, कांस्टेबल योगेश कुमार, विनय कुशवाह, अरुण कुमार एवं रोहिताश्व गौतम सहित रेलवे अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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