इटावा- अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवार्थ खरे ने वादी पक्ष प्रमोद तिवारी पुत्र ज्वालाप्रसाद के पक्ष में निर्णय देते हुए परिवाद संख्या 275/2011 धारा-138 के अन्तर्गत अभियुक्त आनन्द कुमार पोरवाल निवासी इटावा शहर को दण्डित करते हुए एक वर्ष का साधारण कारावास एवम् 6 लाख रुपए के अर्थदंड की सज़ा से किया दण्डित करते हुए अपने निर्णय में कहा कि कुल 6 लाख के अर्थदण्ड की धनराशि अभियुक्त आनन्द कुमार पोरवाल द्वारा अदा न किये जाने की स्थिति में उसे 6 माह की अतिरिक्त साधारण कारावास की सज़ा को और भोगना होगा।इसके साथ ही साथ उक्त निर्णय में यह भी स्पष्ट कहा गया कि दोष सिद्ध होने से पूर्व अभियुक्त ने यदि केन्द्रीय कारागार में निरूद्ध रहा है तो अभियुक्त द्वारा पूर्व में कारावास में बिताई गई अवधि को सम्पूर्ण कारावास के दण्ड में समायोजित माना जाएगा।उक्त मुक़दमें ज्ञातत्व हो कि वादी प्रमोद तिवारी की ओर से पैरवी इटावा जनपद के वरिष्ठ अधिवक्ता संजय दुबे द्वारा की गई। उक्त वाद में वरिष्ठ अधिवक्ता संजय दुबे ने वादी की ओर से मज़बूत साक्ष्य एवम् अपनी तार्किक बौद्धिक क्षमता के आधार पर वादी को न्याय दिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया।
फ़र्ज़ी चैक देने मामले में न्यायालय ने अभियुक्त आनन्द पोरवाल को एक वर्ष की मिली सज़ा

