इटावा -युवा अधिवक्तागढ़ों द्वारा डीबीए हाल इटावा में शहीद भगत सिंह, शहीद सुखदेव, व शहीद राजगुरू की पुण्यतिथि मनाई गई। शहीदों के चित्र पर व भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण किया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यशवीर विभाग प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इटावा की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अधिवक्ताओं ने यह मांग की कि कुछ ऐसे हमारे अमर शहीद है जिन्हें इतिहास से बुलाने की कोशिश की जाती है या उनके नाम पर कोई शहीद दिवस नहीं मनाया जाता है इस पर बुद्धिजीवियों प्रशासन और शासन के अधिकारियों को ध्यान देना अति आवश्यक है, ताकि जिन शहीदों ने हमारे देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी और देश को सर्वोच्च स्थान स्वतंत्रता आदि प्राप्त कराने के लिए रातों दिन लग रहे उनका स्मरण इसलिए जरूरी है ताकि नई पीढ़ी भी उन अमर शहीदों के बारे में जान सके इसी अवसर पर शांति स्वरूप पाठक पूर्व अध्यक्ष डी बी ए इटावा नें अपने उद्बोधन में कहा कि शहीद दिवस के अवसर पर हमारे अधिवक्तागणों ने यह कार्यक्रम कर बहुत सुंदर कार्य किया है मुझे बड़ा हर्ष है कि हमारे अधिवक्ताओं ने शहीदों की तरफ शासन और प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराने के लिए जो प्रयास किया जा रहा हैं बहुत ही सुंदर है मैं सभी अधिवक्ताओं का आवाहन करता हूं कि आप सब मिलकर इस नेक कार्य के लिए अपना सहयोग प्रदान करें। राजेश त्रिपाठी अध्यक्ष डी बी ए ने उपस्थित वरिष्ठ और युवा साथियों का आभार जताते हुए इस शहीद दिवस कार्यक्रम के उपलक्ष में सहयोग के लिए विशेष सराहना की व सभी का आभार भी जताया। नितिन तिवारी महामंत्री डीबी ए इटावा ने कार्यक्रम में आए सभी अधिवक्ताओ का हृदय से आभार जताया और धन्यवाद भी दिया। बृजनंद शर्मा पूर्व प्रधानाचार्य आई सी इंटर कॉलेज इटावा ने कार्यक्रम में भारत सरकार के पूर्व सेवानिवृत्ति सैनिकों को सम्मानित किया।कार्यक्रम का संचालन विवेक राजपूत ने किया। कार्यक्रम के अंत में संचालन करता विवेक राजपूत ने सभी उपस्थित गणमान्यअधिवक्ताओं का आभार जताते हुए कार्यक्रम में सहयोग देने के लिए धन्यवाद भी प्रस्तुत किया।कार्यक्रम संयोजक आशीष तिवारी अमरीश पाण्डेय अनिल कश्यप अमित चौरसिया रामेंद्र मिश्रा और पंकज मिश्रा मनीष कुमार बघेल गौरव दुबे मनोज शंखवार आशीष मिश्रा गौरव मिश्रा अतुल पाण्डेय आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे ।
शहीद दिवस के उपलक्ष में अधिवक्ताओं ने सेवानिवृत्ति सैनिकों को किया सम्मानित

