ग्वालियर। भारतीय संस्कृति में गांव और नगर की आर्थिक मजबूती हमारे ग्रामीण और नगर के उद्योग धंधे थे हम अपनी आवश्यकता की वस्तुओं का आपस में क्रय-विक्रय करते थे। विरासत में स्वदेशी ही हमारी जीवनचर्या का केंद्र बिन्दु था आजादी के उपरांत समय बदला विकसित राष्ट्र की तरह हम आगे बढे़ किंतु स्वदेशी हमारे जीवनचर्या से निकल गया अगर 2047 में विकसित भारत बनाना है तो लोकल फॉर वोकल और स्वदेशी हमारे जीवन का आधार होना चाहिए यह बात स्वदेशी मेला का भूमिपूजन एवं कार्यालय का उदघाटन करते हुए मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कही।
कार्यक्रम के अध्यक्ष राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मध्य क्षेत्र के कार्यकारिणी सदस्य यशवंत इन्दापुरकर ने की। उन्होंने ग्वालियर में पहली बार लग रहे स्वेदेशी मेंले में सभी की सहभागिता का आग्रह किया। कार्यक्रम को सांसद भारत सिंह कुशवाह ने संबोधित किया। मंच पर मध्य प्रदेश वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया, पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर, प्रहलाद सबनानी, मेला संयोजक आर.पी. माहेश्वरी, मेला संयोजक भूपेन्द्र जैन, ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक सिंह जादौन, उपाध्यक्ष उदयवीर सिंह, संत ़ऋषभ देव जी महाराज, विधायक अम्बरीश शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया, ग्रामीण भाजपाध्यक्ष प्रेम सिंह राजपूत उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सर्वेश दीक्षित एवं आभार प्रदर्शन कैट मप्र अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन ने किया। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के संगठक केशव दुबौलिया, मेला के राष्ट्रीय सह संयोजक साकेत राठौर एवं अनेक गणमान्य व्यक्ति स्वदेशी जागरण के कार्यकर्ता कैट के पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।


