भोपाल / इंदौर। मध्यप्रदेश में विद्याशिरोमणि नवाआचार्य प्रवर श्री 108 समयसागर जी महाराज की करुणा और प्रेरणा का बड़ा असर देखने को मिला है।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि
प्राप्त जानकारी के अनुसार मप्र के उप-मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ला जी भोपाल में चातुर्मास रत नवाआचार्य श्री समयसागर जी महाराज के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचे, तो आचार्य श्री की करुणा और अहिंसामयी दृष्टि से अभिभूत हो गए। इसी प्रेरणा के बाद उप-मुख्यमंत्री जी ने एक ऐतिहासिक मानवीय निर्णय लिया है।
आदेश जारी
मध्यप्रदेश शासन, चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा आदेश जारी किया गया है कि प्रदेश के समस्त शासकीय एवं निजी मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों में शाकाहारी एवं मांसाहारी भोजन के लिए मेस (भोजनशाला) अलग-अलग* संचालित की जाएगी। वर्तमान में कई कॉलेजों में एक ही मेस में दोनों प्रकार का भोजन बनने से शाकाहारी छात्रों, विशेषकर जैन, वैष्णव एवं सात्विक आहार लेने वाले छात्र-छात्राओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता था।नए आदेश के अनुसार –
1. प्रत्येक मेडिकल / डेंटल कॉलेज में वेज और नॉनवेज के लिए पृथक-पृथक किचन एवं डायनिंग व्यवस्था अनिवार्य होगी।
2. यह आदेश सरकारी और प्राइवेट दोनों प्रकार के कॉलेजों पर समान रूप से लागू होगा।
3. आदेश की अवहेलना करने वाले संस्थानों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। माननीय उपमुख्यमंत्री की इस घोषणा का भारत वर्षीय जैन समाज ने किया अभिनंदन। दद्दू ने कहा कि इस निर्णय का सकल जैन समाज एवं छात्र समुदाय ने हृदय से स्वागत किया है। राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के राकेश गोहिल एवं मंयक जैन ने पूज्य आचार्य गुरुदेव श्री समयसागर जी महाराज एवं निर्यापक श्रमण मुनिश्री 108 अभय सागर जी महाराज के चरणों में समस्त समाज ने कृतज्ञता व्यक्त की है। समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ जैनेन्द्र जैन ने कहा कि यह निर्णय न केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान है, बल्कि खान-पान की स्वतंत्रता और स्वच्छता की दृष्टि से भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
– प्रेषक : राजेश जैन दद्दू, इंदौर

