इटावा। रमजान के संबंध में मजलिस बराये उमूरे शरई के अध्यक्ष मौलाना तारिक शम्सी ने 11 सूत्रीय एडवाइजरी जारी करते हुये कहा रमजान का पवित्र महीना शरू हो गया है।
एडवाइजरी जारी करते हुए मौलाना तारिक शमसी ने कहा कि रोजा रखना हर मुस्लमान बालिग मर्द, औरत पर पूरे महीने फर्ज हैं इसलिए सभी रोजा रखें। रमजान माह में इस वर्ष हमारे हिन्दू भाइयों का त्योहार होली है इसमें हमारे नौजवान एक दूसरे की भावनाओं का ख्याल रखें गली मोहल्ले, बाजारों में घूमने के बजाए मस्जिद या घर में रह कर इबादत करें।अपने मोहल्ले की मस्जिद मे नामज पढ़ें। रमजान में जरूरतमंदों, गरीबों, मोहताजों को तलाश करके जकात, सदकात, खैरात देकर उनकी गरीबी को दूर करने में मदद करें। रमजान पवित्र माह के आखिरी दस दिन में एतिकाफ करना बड़ा सवाब है। रमजान में अपनी अपनी मस्जिदों के माइक की आवाज को धीमा रखें, बिला वजह शोर शराबा न करें और सेहरी के वक्त माइक पर सिर्फ वक्त बताने का काम करें जिससे बूढ़ों, बच्चों, बीमारों को तकलीफ न हो, रमजान में किसी रोजेदार को अफ्तार कराना बड़ सवाब का काम है, चाहे एक खजूर या पानी से ही हो। रमजान के आखरी अशरे की किन्हीं 5 रातों 21, 23, 25, 27, 29 में से किसी एक में शबेकद्र हो सकती है उस में खास तौर पर मस्जिद या घर में रह कर इबादत करें। इस पर एक हजार महीनों की इबादत के बराबर सवाब मिलता है। सड़कों पर रास्तों मे रास्ता रोकर नमाज अदा न करें। अपने किसी अमल या काम से किसी को तकलीफ न होने दें। गुनाहों से बचें। रमजान का अहतिराम करें।अगर किसी वजह से रोजा नहीं रखा है तो सड़क और बाजारों में खाने-पीने से बचें। मुस्लिम होटल और रेस्टोरेंट दिन में खुल्लम-खुल्ला खाने पीने का सामान न बेचें।
मौलाना तारिक शम्सी ने रमजान को लेकर जारी की एडवाइजरी

