दतिया। वन मंडलाधिकारी मोहम्मद मांज एवं उपवनमंडल अधिकारी प्रिती शाक्य के मार्गदर्शन में रेंजर शैलेन्द्र सिंह गुर्जर के नेतृत्व में दतिया वन विभाग ने शनिवार को ‘अनुभूति’ कार्यक्रम के तहत पतारा जंगल में प्रशिक्षण-सह-जागरूकता शिविर का आयोजन किया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उनाव, गुर्जरा और तगा स्कूलों के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों को वन और पर्यावरण के प्रति जागरूक करना था।शिविर में विद्यार्थियों को जंगल के बीच बैठाकर वन, वन्य-प्राणी और पर्यावरण संरक्षण के महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें वनों के महत्व और उनके संरक्षण के तरीकों से अवगत कराया गया। छात्रों ने जंगल भ्रमण का अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने पहली बार किताबों से बाहर जंगल को प्रत्यक्ष देखा।इस अवसर पर विद्यार्थियों को पॉलीथीन का उपयोग न करने और वनों का संरक्षण करने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का समापन वन भोज के साथ हुआ। यह शिविर सुबह 10 बजे से शाम 4.30 बजे तक चला।वन विभाग के रिटायर्ड मास्टर ट्रेनर एस. के. चंद ने इस पहल के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चे कल के नागरिक हैं और वनों की रक्षा तभी संभव है जब नई पीढ़ी को वन तथा पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जाए। मास्टर ट्रेनर ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन प्रति वर्ष ‘अनुभूति’ कार्यक्रम के माध्यम से वन और पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य उन्हें अपनी जीवन शैली को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए प्रेरित करना है। रेंजर शैलेन्द्र सिंह गुर्जर ने बताया कि आज के ‘अनुभूति’ कार्यक्रम में तीन शासकीय स्कूलों से लगभग 120 बच्चे शामिल हुए। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को वन, वन्य जीवों और पर्यावरण संरक्षण की व्यावहारिक शिक्षा दी जा रही है, जिसके भविष्य में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।कार्यक्रम में भाषण, चित्रकला,प्रश्नोत्तरी आदि प्रतियोगिता एवं शपथ ग्रहण का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी शैलेन्द्र सिंह गुर्जर दतिया, मास्टर ट्रेनर एस के चंद रिट. उप वनमंडल अधिकारी एवं वन स्टाफ उपस्थित रहा।
दतिया वन विभाग का ‘अनुभूति’ कार्यक्रम,स्कूली बच्चों को जंगल भ्रमण कराकर पर्यावरण संरक्षण की जानकारी दी

