इटावा। शारदीय नवरात्रि के पर्व पर शहर के प्राचीन सिद्धपीठ कालीवाहन मंदिर में प्रथम दिन मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा और हजारों भक्तों ने मां शैलपुत्री के दर्शन किये।
शारदीय नवरात्रि के पर्व पर शहर के प्राचीन सिद्धपीठ कालीवाहन मंदिर में रविवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों भक्तों ने मंदिर पहुंचकर मां के चरणों में शीश नवाया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। नवरात्रि के प्रथम दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की आराधना के साथ पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।नवरात्रि के अवसर पर कालीवाहन मंदिर को विद्युत झालरों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। मंदिर परिसर में बना सुंदर फव्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर की सजावट और धार्मिक वातावरण भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष ज्योति गुप्ता की ओर से हर वर्ष की तरह इस बार भी मंदिर परिसर की साफ-सफाई और सजावट पर विशेष ध्यान दिया गया है। सनातन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा अर्चना की जाती है। मान्यता है कि मां दुर्गा ने नौ दिनों तक चले युद्ध के बाद महिषासुर का वध कर धर्म की विजय का संदेश दिया था। नवरात्रि के समापन पर दसवें दिन विजयादशमी यानी दशहरा का पर्व मनाया जाता है। नवरात्रि के दौरान जनपद के विभिन्न देवी मंदिरों में भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कालीवाहन मंदिर में प्रतिदिन चार आरतियां होती हैं। इनमें पहली आरती रात्रि 3:30 बजे की जाती है जिसमें श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ शामिल होते हैं। नवरात्रि के आगमन से शहर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है।
शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ, मां शैलपुत्री के दर्शन को कालीवाहन मंदिर में उमड़े भक्त

