भिण्ड 23 दिसम्बर 2025/ प्रमुख सचिव, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मध्य प्रदेश शासन के चिन्हित कार्यक्रम ” हिरण्य गर्भा कार्यक्रम” के अन्तर्गत जिले में संचालित गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने हेतु कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत गौशालाओं में शत प्रतिशत निकृष्ट सांडों का बधियाकरण करने, गौशालाओं में उपलब्ध मादा गायों में कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से नस्ल सुधार कार्य प्रस्तावित है, ताकि गौशालाओं में दुग्ध उत्पादन में बृद्धि हो सके जो कि स्वावलंबन के लिये पहला कदम होगा। इसके साथ ही गौशालाओं में उपलब्ध चरनोई भूमि पर हरा चारा विकास योजना अन्तर्गत पौष्टिक चारे की खेती की जाये जो कि गौशालाओं के गौवंश के लिये उत्तम आहार होगा। इसी कडी में पशुपालन एवं डेयरी विभाग, जिला भिण्ड म.प्र. द्वारा दिनांक 22 दिसम्बर 2025 को गौशाला संचालकों की कार्यशाला आयोजित कर, हरे चारे के मिनी किट एवं नस्ल सुधार कार्यक्रम हेतु पशु कटघरा प्रदाय किये गये। जिले की 35 गौशालाओं को चारा मिनी किट एवं 18 गौशालाओं को पशु ट्रेविस प्रदाय किये गये। उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग जिला भिण्ड द्वारा बताया गया है कि इसके साथ ही सभी संचालित गौशालाओं में आगामी 3 माह में केम्पों के माध्यम से बधियाकरण का कार्य संपादित किया जावेगा।
हिरण्य गर्भा कार्यक्रम” के अन्तर्गत जिले में संचालित गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने हेतु कार्य प्रारंभ

