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जीवन की ऊर्जा भोग नहीं योग में लगाओ : विज्ञमती माताजी

12 को सकल जैन समाज की क्षमावाणी, सिंधिया होंगे मुख्यआतिथि

ग्वालियर, 9 सितंबर। तुम जिस शारीरिक सुख में उलझे हो, वह एक दिन जल जाएगा। नर-नारी सिर्फ भौतिक सुख है। उत्तम ब्रह्मचर्य पाप, कुशील से बचाता है। मानव मन ब्रह्मचर्य को स्वीकार कर अनंत शक्ति प्राप्त कर सकता है। ब्रह्मचर्य ग्रहण करने वालों को ब्रह्मांड मिल सकता है। इसलिए अपने जीवन की ऊर्जा को भोग में नहीं योग में लगाओ। यह उदगार प्रज्ञा पद्मनी, विद्या वाचस्पति, पट्ट गणिनी आर्यिकाश्री विज्ञमती माताजी ने पर्युषण पर्व के अंतिम दिन शुक्रवार को चम्पाबाग बगीची में ‘उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म’ की व्याख्या के तहत विवाहित बाल ब्रह्मचारी व्रत पर प्रवचन करते हुए व्यक्त किए।
माताजी ने नव दंपति द्वारा किशोरावस्था में लिए गए ब्रह्मचर्य व्रत का उल्लेख करते हुए बताया कि की प्रकार एक ने कृष्ण पक्ष तथा दूसरे ने शुक्ल पक्ष में ब्रह्मचर्य से रहने का व्रत लिया और विवाह उपरांत उसे निभाया भी। माताजी ने बताया कि जो अपनी आत्मा में रमण करता है, अपने विभाव को समझने का प्रयास करता है, वह ब्रह्मचर्य को प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि ब्रह्मचर्य संतरे को गोली नहीं, जिसे चूस लो। स्वयं की आत्मा को समझने का योग ब्रह्मचर्य है। अपनी मुक्ति का रास्ता सिर्फ ब्रह्मचर्य है। पांचों इंद्रियों को आत्मा की ओर मोड़ देना ब्रह्मचर्य है।
काम में जीवन गुजरना उचित नहीं
माताजी ने कहा कि इंसान काम से पैदा होता है, काम में जीवन गुजारने के लिए नहीं। जीवन की ऊर्जा काम में नहीं राम में लगाओ, सेक्स में नहीं समाधि में लगाओ, भोग में नहीं योग में लगाओ। दुनिया में ऐसी कोई वस्तु नहीं, जिसे प्राप्त नहीं किया जा सकता। जो कठिन है, वह मोक्ष है। ये दुसाध्य है, लेकिन साध्य है। इसलिए जीवन में ऐसा ब्रह्मचर्य धारण करो, जो अमिट ऊर्जा प्रदान करे।
नारी ने रावण का पतन किया
माताजी ने कहा कि नारी पर कुदृष्टि रखना आत्म पतन का कारण बनता है। रावण का विनाश नारी के कारण ही हुआ। माताजी ने बताया कि वैवाहिक जीवन में भी ब्रह्मचर्य का पालन किया जा सकता है।
सौधर्म इंद्र सुरेन्द्र जैन ने किया भगवान का अभिषेक
जैन समाज के प्रवक्ता ललित जैन ने बताया कि शुक्रवार सुबह सौधर्म इंद्र सुरेंद्र जैन वैक्सीन ने भगवान का अभिषेक किया, ममता जैन, श्रेया जैन वैक्सीन परिवार और कमला देवी जैन ने दीप प्रज्वलित किया।

12 को सकल जैन समाज की क्षमावाणी, सिंधिया होंगे मुख्यआतिथि
कमेटी के विनय कासलीवाल ने बताया कि 12 सितम्बर प्रात: 8.30 बजे से को सकल जैन समाज की क्षमावाणी चम्पाबाग बगीची में मनाई जायेगी जिसके मुख्य अतिथि ज्योतिरादित्य सिंधिया होंगे!

रात्रि में सामुहिक भक्ति की गई। शनिवार को सुबह 7 बजे सिद्धांत रत्न गणिनी आर्यिकाश्री विशुद्धमती माताजी के सानिध्य में दसलक्षण पर्व के दौरान उपवास करने वालों का महापारणा और सम्मान किया जाएगा।

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