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‘साइकिल गर्ल’ राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से होगी सम्मानित, पीएम मोदी ने की बात, खुद साइकिल चलाकर बीमार पिता की मदद की थी

वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के बढ़ते प्रभाव के चलते देशभर में अचानक घोषित लॉकडाउन के कारण लाखों प्रवासी मजदूर अपने घरों से दूर अलग-अलग ठिकानों पर भूखे रहने को मजबूर हो गए थे। कुछ लोग अपनी जमा-पूंजी के कारण यातायात के साधनों से अपनों तक पहुंच रहे थे किंतु बिहार की एक बेटी अपनी एक पुरानी साइकिल पर अपने बीमार पिता को बैठाकर हरियाणा के गुरुग्राम से चल पड़ी। खुद साइकिल चलाते हुए ज्योति बिहार के दरभंगा में अपने बीमार पिता को लेकर घर पहुंच गई।

अपने माता-पिता के साथ साइकिल गर्ल ज्योति

बिहार की इस ‘साइकिल गर्ल’ को इस बार प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं से सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। उनके साहसिक कदम की तारीफ की। इस दौरान ज्योति कुमारी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हर बच्चे की प्रतिभा देश का गौरव बढ़ाने वाला है।

 

पीएम मोदी ने कहा, ‘मेरा तो मन है आप सभी से बात करने का, आप एक भारत, श्रेष्ठ भारत की सुंदर अभिव्यक्ति हैं। लेकिन समय के अभाव की वजह से ऐसा संभव नहीं है।’ इस दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं को खास मंत्र देते हुए कहा कि ‘कार्य मेहनत से ही सिद्ध होते हैं, केवल कल्पना से ही पूरे नहीं होते। आपकी सफलता ने कितने और लोगों को प्रेरित किया है। आपके दोस्त, आपके साथी और देश के दूसरे बच्चे आपसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेंगे। उन्हें पूरा करने का भरसक प्रयास करेंगे।’

राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये पुरस्कार आपके जीवन का छोटा सा पड़ाव है, जब आप यहां से जाएंगे तो लोग आपकी खूब तारीख करेंगे। लेकिन आपको ध्यान रखना है कि ये तारीफ आपके कर्म के कारण है। तारीफ में भटककर अगर आप रुक गए तो ये तारीफ आपके लिए बाधा बन सकती है।’ इस दौरान पीएम मोदी ने खास सुझाव देते हुए कहा कि हर साल आप किसी ना किसी की जीवनी जरूर पढ़ें। इससे जीवन में नई प्रेरणा जरूर मिलेगी।

पीएम मोदी ने कहा कि प्यारे बच्चों, इस बातचीत से आप सभी को मिले अवॉर्ड से ये समझ आता है कि कैसे जब एक छोटा आइडिया जब एक राइट एक्शन के साथ जुड़ता है तो कितने बड़े और प्रभावशाली रिजल्ट आते हैं। आप सब खुद इसका कितना बड़ा उदाहरण हैं। ज्योति कुमारी समेत राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 से सम्मानित बच्चों से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आपके सपने पूरे हों।

राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 से सम्मानित होने की खबर सुनकर ज्योति के गांव के साथ-साथ पूरे मिथिलांचल में खुशी की लहर है। दरभंगा के एक छोटे से गांव सिरहुल्ली की रहने वाली ज्योति ने मई में कोरोना लॉकडाउन के दौरान अपने पिता को साइकिल पर बिठाकर करीब 1200 किमी. की यात्रा पूरी की थी। जिस तरह से वह अपने पिता को साइकिल पर बिठाकर गुरुग्राम से दरभंगा लेकर आईं, उसकी चर्चा देश ही नहीं बल्कि दुनिया में भी हुई थी। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ने भी ज्योति के इस कदम का जिक्र करते हुए ट्वीट किया था। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की ओर से ज्योति की मदद के लिए हाथ आगे बढ़े थे। अब ज्योति को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 से सम्मानित किया जा रहा है।

बता दें कि वैश्विक महामारी कोरोना काल में ज्योति हरियाणा के गुरुग्राम से अपने बीमार पिता को लेकर 16 अप्रैल को दरभंगा स्थित अपने गांव पहुंची थी। इस दौरान उसने बिना किसी की मदद लिए 1200 किलोमीटर की यात्रा खुद साइकिल चलाकर की थी। तब बेटी की पितृ भक्ति और श्रद्धा की कायल पूरी दुनिया हुई थी। पीएम मोदी ने भी इस बेटी की भरपूर तारीफ की थी। ऐसे में जब ज्योति के प्रधानमंत्री के साथ वार्तालाप की सूचना मिलने के बाद बिहार समेत पूरे देश में का ध्यान ज्योति पर गया है। 26 जनवरी यानि गणतंत्र दिवस से पहले सभी की जुबान पर ज्योति की बहादुरी और हौसले की तारीफ हो रही है।

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