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पाकिस्‍तान में पीएम मोदी की तस्‍वीर लेकर सड़कों पर उतरे लोग, पाकिस्‍तान में अलग सिंधुदेश बनाने की मांग हुई तेज

भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्‍तान में सिंध प्रांत को चीन के हाथों ‘बेचने’ का विरोध कर रहे लोग अलग सिंधुदेश बनाने की मांग को लेकर सान कस्‍बे में रैली निकाली गई। इस रैली में शामिल लोगों ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दुनिया के अन्‍य नेताओं की तस्‍वीर हाथ में लेकर सिंधुदेश बनाने में मदद की गुजारिश की है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आजादी के समर्थन में नारे भी लगाए।

जानकारी के मुताबिक, यह रैली रविवार को सान कस्‍बे में निकाली गई। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अलग सिंधुदेश बनाने में पीएम मोदी और विश्‍व के अन्‍य नेताओं से हस्‍तक्षेप करने की मांग की है। गौरतलब है कि सिंध प्रांत के साथ पाकिस्तान की इमरान सरकार काफी ज्‍यादती करती आ रही है। यही नहीं, सिंध की जमीन को जबरन चीन को दिया जा रहा है। समुद्री इलाके चीन को मछली पकड़ने के लिए दिए जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि पाकिस्‍तान में अलग सिंधुदेश बनाने की मांग सिंध की राष्‍ट्रवादी पार्टियां कर रही हैं। इस आंदोलन को सिंध के नेता जीएम सैयद ने बांग्‍लादेश की आजादी के ठीक बाद शुरू किया था। उन्‍होंने सिंध के राष्‍ट्रवाद को नई दिशा दी और सिंधुदेश का विचार दिया। कल जीएम सैयद की 117वीं जयंती मनाई गई। इस आंदोलन से जुडे़ नेताओं का मानना है कि संसदीय तरीके से आजादी और अधिकार नहीं मिल सकते हैं।

बलूचिस्‍तान में सिंध के आजादी समर्थक संगठनों ने पिछले दिनों ऐलान किया था कि वे चीन-पाकिस्‍तान आर्थिक कॉरिडोर का म‍िलकर विरोध करेंगे। उन्‍होंने कहा था कि चीन के दमनात्‍मक सीपीईसी प्रॉजेक्‍ट से सिंध और बलूचिस्‍तान दोनों ही प्रभावित हुए हैं। बलूच राजी अलोई संगर संगठन के प्रवक्‍ता बलोच खान ने कहा क‍ि सीपीईसी के जरिए चीन सिंध और बलूचिस्‍तान पर कब्‍जा करना चाह रहा है। यही नहीं ग्‍वादर और बादिन के तटीय संसाधनों पर भी नियंत्रण करना चाह रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हम पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हैं कि फासीवादी से राष्ट्रीय स्वतंत्रता के लिए हमारे संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए हमारा समर्थन करें। सिंधुदेश सिंधियों के लिए एक अलग मातृभूमि की मांग है, जो 1967 में जीएम सैयद और पीर अली मोहम्मद रशदी के नेतृत्व में शुरू हुआ था।

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