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अमेरिका में हो रही हिंसा की वैश्विक नेताओं ने की निंदा, PM मोदी ने ट्वीट कर कहा-ये लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण

विश्व के सबसे पुराने लोकतांत्रिक देश अमेरिका में चुनावी नतीजों को लेकर राष्ट्रपति रहे डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों और पुलिस के बीच खूनी झड़प की दुनियाभर में निंदा की जा रही है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी हार स्वीकार करने को कतई तैयार नही हैं। जिस वजह से अमेरिकी संसद में देर रात को ट्रंप समर्थक कैपिटोल बिल्डिंग में घुस गए और हंगामा करने लगे। विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अमेरिका के वाशिंगटन में कैपिटल बिल्डिंग में हंगामा और हिंसा पर चिंता व्यक्त की है।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि वाशिंगटन डीसी में दंगे और हिंसा की खबरें देखकर दुखी हूं। व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण जारी रहना चाहिए। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गैरकानूनी विरोध के माध्यम से विकृत नहीं होने दिया जा सकता है।

इस घटना पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ट्वीट कर कहा है कि अमेरिका से जैसी खबरें आ रही हैं, वो चिंता बढ़ाने वाली हैं सभी को शांति से काम लेना चाहिए। उनके अलावा कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो, ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन, न्यूजीलैंड की पीएम जेसिंडा ने भी ट्विटर के जरिए अमेरिकी हिंसा की निंदा की है। कैपिटल बिल्डिंग में हंगामा पर कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि हिंसा कभी भी लोगों की इच्छा पर काबू पाने में सफल नहीं होगी। अमेरिका में लोकतंत्र को बरकरार रखा जाना चाहिए, और यह होगा।

 

इस घटनाक्रम पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि, “ऐसी परिस्थितियों में यह महत्वपूर्ण है कि राजनीतिक नेता अपने समर्थकों को हिंसा से दूर रहने के लिए, साथ ही साथ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और कानून के शासन का सम्मान करने की आवश्यकता पर प्रभाव डालते हैं।” बता दें कि अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडेन, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस, पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, बिल क्लिंटन ने हिंसा के लिए डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया और अपने समर्थकों को समझाने की अपील की।

अमेरिका के नए चुने गए राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कैपिटोल बिल्डिंग पर हुए हंगामे को राजद्रोह करार दिया है। जो बाइडेन ने अपने बयान में कहा, ”यह कोई विरोध नहीं है. यह एक विद्रोह है।” बाइडेन ने डोनाल्ड ट्रंप से हंगामा खत्म करने की अपील करने के लिए भी कहा। बाइडेन ने कहा, ‘मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आह्वान करता हूं कि वह अपनी शपथ पूरी करें और इस घेराबंदी को खत्म करने की मांग करें।’ बाइडेन ने आगे कहा, ‘मैं साफ कर दूं कि कैपिटोल बिल्डिंग पर जो हंगामा हमने देखा हम वैसे नहीं हैं। ये वह लोग हैं, जो कानून को नहीं मानते हैं।’

गौरतलब है कि अमेरिका के वाशिंगटन में हुई इस हिंसा में एक महिला की मौत हो गई है, जबकि पुलिस के साथ झड़प में कई प्रदर्शनकारी घायल भी हो गए हैं। अमेरिका में हजारों की संख्या में ट्रंप समर्थकों ने सीनेट का घेराव करने की कोशिश की, नारेबाजी करते हुए सीनेट में घुसकर कई क्षेत्रों में कब्जा भी किया। हालांकि, बताया जा रहा है कि नेशनल गार्ड्स और अन्य सुरक्षाबलों ने सभी प्रदर्शनकारियों को बाहर निकाल दिया। अब एक बार फिर अमेरिकी कांग्रेस में काम शुरू हो गया है।

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