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बिना ड्राइवर वाली मेट्रो को PM मोदी ने दिखाई हरी झंडी, Driverless Metro Train को देखकर यात्री हुए हैरान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को दिल्ली मेट्रो की मजेंटा लाइन (जनकपुपश्चिम-बोटेनिकल गार्डेन) पर भारत की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो सेवा (Driverless Metro Train) को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही आधुनिक प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से भारत में परिवहन और यातायात के एक नए युग का सूत्रपात हो गया। बता दें कि दिल्ली मेट्रो ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा था कि नयी पीढ़ी की इन रेलगाड़ियों के परिचालन से दिल्ली मेट्रो रेल कॉपोरेशन (DMRC) विश्व के उन ‘सात प्रतिशत मेट्रो नेटवर्क के विशिष्ट समूह’ में शामिल हो गया है जो चालक रहित परिचालन की सेवाएं दे रहे हैं।

 

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा, “मुझे आज से लगभग 3 साल पहले मजेंटा लाइन के उद्घाटन का सौभाग्य मिला था। आज फिर इसी रुट पर देश की पहली ऑटोमेटिड मेट्रो का उद्घाटन करने का अवसर मिला। ये दिखाता है कि भारत कितनी तेजी से स्मार्ट सिस्टम की तरफ आगे बढ़ रहा है।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘आज नेशनल कॉमन मॉबिलिटी कार्ड से भी मेट्रो जुड़ रही है। पिछले साल अहमदाबाद से इसकी शुरुआत हुई थी। आज इसका विस्तार दिल्ली मेट्रो की एयर पोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर हो रहा है।’

 

DMRC के बयान के मुताबिक, 37 किलोमीटर लंबी मजेंटा लाइन पर जनकपुरी पश्चिम से बोटेनिकल गार्डन के बीच ड्राइवरलेस मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद 57 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन पर मजलिस पार्क और शिव विहार के बीच 2021 के मध्य तक चालक रहित मेट्रो सेवा की शुरुआत की जाएगी। गौरतलब है कि पहले इस सेवा का ट्रायल पिंक लाइन पर हुआ था।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन चालक रहित मेट्रो (Driverless Metro) चलाने की तैयारी पिछले दो साल से कर रहा था। हालांकि, बिना चालक वाली मेट्रो के बारे में सुनकर यात्री अपनी सुरक्षा को लेकर जरूर चिंतित थे, लेकिन DMRC ने दावा किया है कि चालक से एक बार गलती हो सकती है, मगर चालक रहित मेट्रो से किसी भी तरह की दुर्घटना होने की संभावना नहीं है। बता दें कि पीएम मोदी के साथ इस उद्घाटन समारोह में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल रहे।

 

दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) का कहना है कि चालक रहित मेट्रो ट्रेनें पूरी तरह स्वचालित होंगी, जिनमें मानवीय हस्तक्षेप की न्यूनतम आवश्यकता होगी। इससे मानवीय गलतियों के कारण परिचालन प्रभावित होने की आशंका समाप्त हो जाएगी। ये ट्रेनें मेट्रो भवन में बने केंद्रीय कंट्रोल रूम से कमांड देकर संचालित की जाएंगी। मौजूदा समय में इस कारिडोर पर 5 मिनट 12 सेकेंड के अंतराल पर मेट्रो का परिचालन होता है। चालक रहित मेट्रो के परिचालन का फायदा यह है कि यात्रियों का दबाव बढ़ने पर महज 90 सेकेंड के अंतराल पर मेट्रो का परिचालन हो सकेगा। चालक रहित मेट्रो के चलने से मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ सकेगी। यात्रियों को कम भीड़ मिलेगी। इसके साथ ही मेट्रो की आय बढ़ सकेगी।

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