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किसान आंदोलन में संत बाबा रामसिंह द्वारा आत्महत्या करने को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री ने किया ट्विट तो ट्रोलर्स हुए हावी

केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान लगातार मांग कर रहे हैं कि कृषि कानूनों को रद्द किया जाए। किंतु मोदी सरकार बातचीत और सुझावों से मामला सुलझाने की बात कर रही है। किसान आंदोलन को आज 22वां दिन है। कल सिंघु बॉर्डर पर बुधवार को किसानों के समर्थन में आए संत बाबा राम सिंह ने खुदकुशी कर ली। उन्होंने खुद को गोली मार ली, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।

 

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस घटनाक्रम पर ट्वीट करते हुए लिखा कि संत बाबा रामसिंह जी का निधन संत समाज, देश, राज्य तथा मेरे लिए अपूरणीय क्षति है। यह अत्यंत दुख का क्षण है, बाबा जी की आत्मा, परमात्मा में विलीन हो। हम उनके दिखाए मानव-कल्याण के मार्ग पर चलने को संकल्पित हैं, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट

बताया जा रहा है कि बाबा संत राम कई दिन से लगातार दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर जाकर किसानों की आवाज बुलंद कर रहे थे। उन्होंने अपने प्रवचन में ये बात कही थी कि किसानों को उनका हक मिलना चाहिए। घटनास्थल पर एक सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है। बाबा संत रामसिंह हरियाणा के करनाल जिले के बताए जा रहे हैं।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने संत बाबा रामसिंह के निधन पर श्रृद्धांजलि अर्पित करते हुए ट्वीट किया तो कुछ सोशल मीडिया यूजर्स उनकी सरकार और बीजेपी पार्टी को इसका जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाने लग गए। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने सीधे-सीधे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का नाम लेते हुए इस मौत का कारण बताया। केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों का मामला अब सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।

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