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देश में 500 संगठन, मगर केंद्र सरकार ने 32 संगठनों को ही आज दोपहर बातचीत के लिए बुलाया, विपक्ष हुआ हमलावर

केंद्र सरकार द्वारा पारित नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे देशभर के किसान संगठनों के साथ गतिरोध तोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने एक और प्रयास किया है। जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसान संगठनों के नेताओं को तीन दिसंबर की बजाय आज 1 दिसंबर को दोपहर 3 बजे विज्ञान भवन में बातचीत के लिए आमंत्रित किया है।

 

केंद्रीय मंत्री का ये प्रस्ताव बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद आया है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हजारों किसान दिल्ली की सीमा पर पिछले पांच दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं और देश की राजधानी नई दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज से रोहिणी और इसके विपरीत, जीटीके रोड, एनएच 44 और सिंघू बॉर्डर तक बाहरी रिंग रोड पर आवाजाही करने वाले वाहनों के पहिए थमे हुए हैं जिससे उत्तर भारत में फल-सब्जी, अन्य सामानों से लदी गाडियां कई दिनों से बीच सड़क पर खड़ी रहने के कारण नुकसान में जा रही हैं।

दिल्ली में पंजाब किसान संघर्ष समिति के जनरल सेक्रेटरी सुखविंदर सब्रन ने कहा है कि देश में किसानों के 500 से अधिक समूह हैं, लेकिन सरकार ने केवल 32 समूहों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। बाकी को सरकार द्वारा नहीं बुलाया गया है। हम तब तक बातचीत नहीं करेंगे, जब तक सभी समूहों को नहीं बुलाया जाता।”

 

इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर ट्वीट कर किसानों का समर्थन किया है। राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि सैकड़ों अन्नदाता मैदानों में धरना दे रहे हैं और ‘झूठ’ टीवी पर भाषण! किसान की मेहनत का हम सब पर कर्ज है। ये कर्ज उन्हें न्याय और हक देकर ही उतरेगा, न कि उन्हें दुत्कार कर, लाठियां मारकर और आंसू गैस चलाकर। जागिए, अहंकार की कुर्सी से उतरकर सोचिए और किसान का अधिकार दीजिए।

आंदोलन कर रहे किसानों ने कहा कि वे सशर्त बातचीत स्वीकार नहीं करेंगे। साथ ही चेतावनी दी है कि वे राष्ट्रीय राजधानी में आने वाले सभी पांच प्रवेश मार्गों को बंद कर देंगे। किसानों को नए कृषि कानूनों के बारे में आशंका है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य समाप्त हो जाएगा। इस बीच कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कोरोना वायरस और सर्दी को ध्यान में रखते हुए हमने किसान यूनियनों के नेताओं को 3 दिसंबर की बैठक से पहले ही चर्चा के लिए आने का न्यौता दिया है। यह बैठक आज ही दिल्ली के विज्ञान भवन में दोपहर बाद तीन बजे बुलाई गई है।

 

बता दें कि आंदोलन कर रहे किसानों के खिलाफ शासन-प्रशासन द्वारा कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने भी मामले कार्रवाई तेज की है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि 27 नवंबर को सिंघू बॉर्डर पर किसानों और पुलिस के बीच हुई झड़प के मामले में अलीपुर पुलिस स्टेशन में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसमें सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

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