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स्कॉटलैंड बना दुनिया का पहला देश जहां मुफ्त में मिलेंगे महिलाओं के लिए पीरियड्स प्रॉडक्ट्स

महिला सशक्तिकरण के नाम पर बहुत से देशों में केवल नारेबाजी होती रहती है और समाज, सरकारें, सिस्टम अपनी दुनियादारी में मग्न रहते हैं, जिस दौरान महिलाओं को उनकी दयनीय स्थिति में छोड़ दिया जाता है। परंतु बहुत कम ऐसे देश होते हैं जहां महिलाओं के हित से जुड़े फैसले लेकर दुनिया के सामने एक मिसाल कायम की जाती है। दुनियाभर में महिलाओं को पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं का हर रोज़ सामना करना पड़ता है लेकिन समाज, परिवार, दफ्तर इत्यादि इन महिलाओं को उचित सहयोग नहीं करता है। महिलाओं के हित में ऐतिहासिक फैसला लेते हुए स्कॉटलैंड दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है जहां पीरियड्स के सभी प्रॉडक्ट्स अब मुफ्त में मिलेंगे।

 

स्कॉटलैंड में अब पीरियड्स में इस्तेमाल होने वाली सभी वस्तुएं मुफ्त में मिला करेंगी। यह एक ऐतिहासिक फैसला है जिसे चार साल तक चले अभियान के बाद सफलता मिली है। इस फैसले के बाद एक ऐसी मिसाल कायम हुई है जिससे दुनियाभर के देशों को उदहारण मिलेगा।

बता दें कि दुनिया के कई हिस्सों में आज भी पीरियड्स के साथ जुड़ी कई भ्रांतियां और रुढ़िवादी परंपराएं महिलाओं को अधिक तकलीफ देती हैं। ऐसे में स्कॉटलैंड की महिलाओं को मिली इस जीत ने बाकी देशों को एक उम्मीद दी है। स्कॉटलैंड में एकमत के साथ पीरियड प्रॉडक्ट (फ्री प्रोविजन) (स्कॉटलैंड) ऐक्ट पारित कर दिया गया है। अब इस कानून के पारित होने के बाद स्थानीय प्रशासन सभी महिलाओं को पीरियड्स से जुड़े और उस समय इस्तेमाल होने वाले प्रॉडक्ट्स को मुफ्त में देगा। बता दें कि इस नियम को नॉर्थ आयरशायर जैसी काउंसिल के पहले से किए जा रहे काम से जोड़ा जाएगा। यहां पहले से फ्री टैंपॉन और सैनिटरी पैड सार्वजनिक इमारतों में 2018 से दिए जा रहे हैं। विधेयक स्कॉटिश संसद सदस्य मोनिका लेनन द्वारा पेश किया गया, जो 2016 के बाद से पीरियड्स पॉवर्टी को समाप्त करने के लिए अभियान चला रही हैं।

 

इस अभियान को शुरू करने और इसका नेतृत्व करने वाली स्कॉटिश लेबर की स्वास्थ्य प्रवक्ता मोनिका लेनन ने इस दिन को स्कॉटलैंड के लिए गर्व का दिन बताया है। उन्होंने अपनी ख़ुशी जताते हुए कहा, ‘यह उन महिलाओं और लड़कियों के जीवन में बड़ा बदलाव लाएगा जिन्हें पीरियड के समय इन चीजों का मोहताज होना पड़ता था। सामुदायिक स्तर पर पहले ही काफी विकास हुआ है और स्थानिय प्रशासन के जरिए हर किसी को पीरियड में सम्मान मिल सकेगा।’ लेनन ने आगे कहा है कि अब सार्वजनिक जीवन में जैसे पीरियड्स पर चर्चा होती है, यह एक बड़ा बदलाव है। कुछ साल पहले तक खुले तौर पर पीरियड पर बात नहीं होती थी और अब यह मुख्यधारा में है।’

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